कोपागंज। शहीदे कर्बला की याद में अलम का जुलूस बृहस्पतिवार को निकाला गया। जुलूस के दौरान या हुसैन, या हुसैन की सदाओं से नगर गूंज उठा। मुहर्रम की सातवीं तारीख को नगर में अलम ए मुबारक के जुलूस निकाला गया। जुलूस अपने अपने रास्ते से निकलकर ताजिया नंबर तीन पर पहुंचा।
ताजिया नंबर छह्र चार और सात को सबको साथ लेकर क़स्बा चौक होते हुए गंज शाहिदा पहुंचा। जुलूस के दौरान सभी अंजुमनों ने नौहा पढ़ते चल रहे थे। शिया जामा मस्जिद के इमाम हसन रजा साहब ने अपनी तक़रीर में कहा कि यह जुलूस कर्बला में मारे गए इमाम हुसैन और और घर वालों सहित उनके भाई मौला अब्बास की वफादारी एवं उनकी क़ुर्बानी की याद में निकाला जाता है।
इमाम हुसैन के काफ़िले में छोटे-छोटे बच्चे थे जो प्यास से तड़पने लगे इन बच्चों की प्यास बुझाने के लिए इमाम हुसैन अपने भाई जनाब अब्बास को पानी लाने दरिया पर भेजते हैं मगर कई हज़ार की संख्या में यज़ीदी सिपाहियों ने एक अकेले और निहत्ते व्यक्ति जनाब अब्बास पर इस बे रहमी से हमला करते हैं कि उनके दोनों हाथ क़लम हो जाते हैं।
अंजुमनों ने निकाला अलम व दुलदुल जुलूस
मऊ। शहर के मुंशीपुरा सेल टैक्स रोड से हज़रत इमाम हुसैन और उनके साथियो की शहादत की याद में सातवीं मुहर्रम का अलम व दुलदुल के साथ जुलूस निकाला गया। अंजुमनों ने नौहाख्वानी कर सीनाजनी किया।
मंज़र इमाम के घर इमाम चौक से छोटे बच्चे, बड़े और बुजुर्गो ने हाय अब्बास हाय अब्बास के नारे साथ अक़ीदतमंदो ने नौहाख्वानी कर मातम किया। वही इमाम चौक से होते हुए यतीम खाना मस्जिद से निकलकर सेलटेक्स रोड होते हुए हॉस्पिटल से ओवरब्रिज के नीचे रेलवे के मैदान मे स्थित क़र्बला शहीद बाबा की मज़ार पर जुलूस पहुंचा और मिट्टी लेकर पुनः उसी रास्ते से इमाम चौक पर पहुंचकर जुलूस समाप्त हुआ। इस दौरान शमीम कमाल, मंज़र इमाम, वसीम कमाल, आमिर, जमाल अख्तर गुड्डू, इसराइल मौजूद रहे।
मधुबन: तहसील क्षेत्र के विभिन्न मुस्लिम बाहुल्य गांव में मुहर्रम की 7वीं मोहर्रम के अवसर पर तहसील के दरगाह में जुलूस निकाला जाएगा। मौलाना महबूब आलम शमशी ने बताया कि 7वीं मुहर्रम पर हर साल हजरत इमाम हुसैन के भतीजे हजरत क़ासिम की याद में मेहंदी के जुलूस का आयोजन किया जाता है। इस अवसर पर मौलाना हसन रज़ा, मौलाना ज़ुहूरुल मुस्तफा, मौलाना शमशीर अली, मौलाना तकी, मौलाना मुंतजिर, अंबर हुसैन, हाजी सक़लैन आदि शामिल रहे।