मऊ। दो वर्ष से अधिक पुराने जन्म एवं मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाने की उम्मीद लेकर घोसी तहसील और नगर पंचायत, ब्लॉक कार्यालय के चक्कर लगा रहे लोगों की परेशानी बढ़ गई है। शासन के नए शासनादेश के बाद 28 सितंबर से घोसी तहसील में दो वर्ष से अधिक पुराने जन्म एवं मृत्यु प्रमाणपत्र के आवेदन स्वीकार नहीं किए जा रहे हैं, इससे नगर पंचायत और ब्लॉक कार्यालयों से आख्या समेत सभी जरूरी कागजात पूर्ण कराने के बाद पहुंचे आवेदकों को भी निराश होकर लौटना पड़ रहा है। नई व्यवस्था की स्पष्ट जानकारी नहीं मिलने से आवेदक असमंजस में हैं।
दो वर्ष से अधिक पुराने जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए पहले संबंधित निकाय, ब्लॉक से आख्या सहित आवश्यक अभिलेख तैयार कराकर उपजिलाधिकारी कार्यालय में आवेदन किया जाता था, शासन के नए निर्देश के बाद अब ऐसे मामलों में प्रमाण पत्र जारी करने का अधिकार प्रथम श्रेणी के मजिस्ट्रेट को दिए जाने के कारण पुरानी प्रक्रिया पर रोक लगा दी गई है। घोसी तहसील में 27 एवं 28 सितंबर 2026 से ऐसे आवेदन वापस किए जा रहे हैं।
प्रवीण कुमार, तारा देवी ने बताया कि उपजिलाधिकारी कार्यालय के निर्देश पर नगर पंचायत से आवश्यक आख्या पूरी कराकर सभी कागजात के साथ आवेदन जमा करने पहुंचे थे। कार्यालय में आवेदन वापस कर दिया गया। तिलई निवासी राम सरीख और हरिओम ने बताया कि जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए सभी आवश्यक कागजात और आख्या पूरी कराई गई है। इसके बाद भी आवेदन जमा नहीं किया जा रहा है। प्रमाणपत्र की आवश्यकता होने के कारण लगातार कार्यालयों का चक्कर लगाना पड़ रहा है। नई व्यवस्था के तहत आवेदन की प्रक्रिया स्पष्ट नहीं होने से आम लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
इस बाबत उपजिलाधिकारी अशोक कुमार सिंह का कहना है कि शासन के निर्देशानुसार दो वर्ष से अधिक पुराने जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र जारी करने का अधिकार प्रथम श्रेणी के मजिस्ट्रेट को दिया गया है। इसी कारण ऐसे मामलों में पूर्व की व्यवस्था के तहत आवेदन स्वीकार नहीं किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि दो वर्ष से कम अवधि के जन्म एवं मृत्यु प्रमाणपत्र के आवेदन पूर्व की तरह लिए जा रहे हैं और प्रमाण पत्र जारी किए जा रहे हैं।