कोरोना के खिलाफ चल रही जंग और लाकडाउन के बीच हर किसी को तमाम ऊहापोह की स्थिति से गुजरना पड़ रहा है। विषम परिस्थितियों के बीच ही तो असल में धैर्य और संयम की परीक्षा होती है। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. सतीशचंद्र सिंह ने बताया कि इस बारे में सरकार और स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा बराबर हिदायतें भी दी जा रही हैं कि इस मुश्किल वक्त में मदद को हाथ बढ़ाने वालों को निशाना न बनाकर उनके प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया जाए।
ऐसे लोगों को निशाना बनाने से कोरोना के खिलाफ हमारी लड़ाई कमजोर पड़ जाएगी। किसी तरह की अफवाह न फैलाएं बल्कि खुद सुरक्षित रहें और आसपास सभी को सुरक्षित रखें। कोरोना पर विजय पाने वालों के प्रति किसी भी तरह का भेदभाव व बहिष्कार न करें क्योंकि इससे कोई भी संक्रमित हो सकता है। हालांकि अधिकतर लोग इससे ठीक हो जाते हैं। ऐसे में रोगी और परिवार को हमारे सहयोग की जरूरत है न कि भेदभाव की।
डब्ल्यूएचओ की एसएमओ वैशाली ने बताया कि आवश्यक सेवाएं प्रदान करने वालों की सराहना और सहयोग करें। सरकारी स्रोतों स्वास्थ्य मंत्रालय या डब्ल्यूएचओ की प्रामाणिक जानकारी ही साझा करें। किसी भी जानकञारी को साझा करने से पहले विश्वसनीय स्रोतों से क्रास चेक कर लें।कोरोना वायरस को मात देने वालों की सकारात्मक कहानियां साझा करें।संक्रमित व क्वारंटाइन सेंटर में रहने वालों के नाम पहचान को सोशल मीडिया पर साझा न करें।दहशत फैलाने से बचें। किसी सुदाय या क्षेत्र को कोविड के प्रसार का कारण न बताएं। हेल्थ केयर, सफाईकर्मी या पुलिस को निशाना न बनाएं। वह आपकी मदद के लिए ही हैं मरीज को कोविड पीड़ित कहने के बजाय कोरोना के विजेता के रूप में संबोधित करें।