बच्चों के उपचार के लिए लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंची महिला।
विकास खंड के खुखंदवा गांव स्थित मुसहर बस्ती में फैले डायरिया के प्रकोप से ग्रसित एक और बच्चें की शुक्रवार की सुबह उपचार के दौरान मौत हो गई। गांव में फैले इस संक्रमण का प्रकोप घटने की बजाय बढ़ता ही जा रहा है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि शुक्रवार को गांव से नौ और बच्चों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। जबकि डाक्टरों की टीम गांव में पहुंचकर छिड़काव के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति कर रही है।
बताते चले कोपागंज ब्लाक मुख्यालय से पांच सौ मीटर की दूरी पर मौजूद ग्राम सभा खुखुंदवा के मुसहर बस्ती में बीते मंगलवार से डायरिया का संक्रमण शुरू हुआ। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग की उदासीनता से दो बच्चों की मौत भी मंगलवार को हो गई। दो बच्चों की मौत होने पर गांव के लोगों ने इसकी सूचना सीएचसी पर दिया। इसके बाद भी स्वास्थ्य टीम गांव में नहीं पहुंची। गुरुवार को किसी ने इसकी शिकायत मुख्यालय पर सीएमओ से किया। इसके बाद सीएचसी कोपागंज सहित विभाग नींद से जागा। इस दौरान गुरुवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव पहुंचकर उपचार शुरू की। इस दौरान बीमार हुए एक दर्जन लोगों को जिला अस्पताल लाकर भर्ती कराया गया था। इसमें भर्ती पवन 8 पुत्र लोचन की उपचार के दौरान शुक्रवार की सुबह मौत हो गई। बच्चे की मौत से उसके घर पर कोहराम मच गया। साथ ही गांव के लोग भी सहम गए। तीसरी मौत से विभाग के भी हाथ पांव फूले थे। इस दौरान शुक्रवार की सुबह गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम सीएचसी कोपागंज प्रभारी आरके झा के नेतृत्व में पहुंची। जहां टीम के सदस्यों ने चेकअप कर नौ और मरीजों को उपचार के लिए सदर अस्पताल रवाना किया। शुक्रवार को भर्ती कराए गए लोगों में टिंकू का 13 वर्षीय पुत्र उपेंद्र, चार वर्षीय पुत्र जितेंद्र, छह वर्षीय पुत्री रुबी, पप्पू की छह वर्षीय पुत्री सीमा, चार वर्षीय डहरू, दो वर्षीय मोहित के साथ दो माह की ज्योति शामिल है। इसके अलावा अरविंद 4 पुत्र जग्गू, गुड़िया 4पुत्र राहुल को शुक्रवार की सुबह जिला अस्पताल लाकर भर्ती कराया गया।