विद्युत केंद्र रानीपुर से जुड़े 85 गांवों में बिजली आपूर्ति चरमरा गई है। हालत यह है कि 24 घंटे में 10 घंटे बिजली की अघोषित कटौती की जा रही है। इससे ग्रामीणों में खासा गुस्सा है। ग्रामीणोें का कहना है कि लगातार शिकायत के बाद भी अधिकारी लापरवाह बने हैं। यदि स्थिति रही तो ग्रामीण आंदोलन का रास्ता अख्तियार करेंगे। कस्बे सहित पिरुआ, खिरिया, गोकुलपूरा, फतेहपुर, पलिया समेत 85 गांव में बिजली व्यवस्था ध्वस्त हो गई है। अंधाधुंध हो रही बिजली कटौती से ग्रामीणों का जीना दुश्वार हो गया है। बिजली विभाग जहां दिन में टुकड़ों में बिजली आपूर्ति कर रहा है, वहीं रात के समय 3 से 4 घंटे की अघोषित कटौती से लोग रात में उमस भरी गर्मी में बेहाल हो जा रहे। रात की नींद को लेकर लोग परेशान हैं। खास कर रात में छोटे बच्चों व वृद्धों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।
बिजली कटौती से आम लोगों के साथ किसा भी फसलों में सिंचाई नहीं कर पाने से परेशान हो रहे हैं। समय से बिजली न होने के चलते मजबूरन किसान ज्यादा धन खर्च कर डीजल इंजन से खेत भरने को विवश हैं। क्षेत्रीय जनता की मानें तो ग्रामीण अंचलों में दस घंटे कटौती की जा रही है जबकि शासन स्तर से ग्रामीण क्षेत्र में 18 घंटे बिजली देने का निर्देश है। शक्ति सिह, संजय, जितेंद्र, रमेश, दिनेश सहित दूसरे ग्रामीणों का कहना है कि स्थानीय अधिकारियों को कई बार अघोषित कटौती से अवगत करा चुके है। बावजूद बिजली आपूर्ति में कोई सुधार नहीं हो रहा है।
इस बावत एसडीओ जितेंद्र कुमार का कहना है 132 सबकेंद्र बढुआगोदाम का 63 एमबीए का ट्रासफार्मर जलने से कारण ओवरलोड से दिक्कत आने से फाल्ट हो रहे है। जिसकी मरम्मत कराने के लिए लगातार कटौती की जा रही है।