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अभी तक नहीं पहुंची मुफ्त किताबें

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सरकार की तरफ से सर्व शिक्षा अभियान को सफल बनाने के लिए शुरू की गई जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ बच्चों को समय से  मिलता नजर नहीं आ रहा है। शिक्षा सत्र शुरू होने में चंद दिन ही रह गए हैं, लेकिन जिले के परिषदीय विद्यालय में वितरित की जाने वाली नि:शुल्क पाठ्य पुस्तकों की खेप निदेशालय से अभी तक नहीं पहुंची है। जबकि विभाग की तरफ से निदेशालय को क्रय आदेश महीनों पूर्व ही भेज दिया गया है। यही स्थिति रही तो बच्चों को बिन किताबों के ही पढ़ाई करनी पड़ सकती है।
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जिले मेें 1060 प्राथमिक तथा 442 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में लगभग 1.80 लाख बच्चे अध्ययनरत हैं। शासन की तरफ से  परिषदीय विद्यालयों में शत प्रतिशत नामांकन के लिए बच्चों को नि:शुल्क पाठ्यपुस्तकें सहित विभिन्न सुविधाएं दी जाती है। निजी विद्यालयों की तरह परिषदीय विद्यालयों का शिक्षा सत्र अप्रैल माह से शुरू तो कर दिया गया, लेकिन कई वर्षो से बच्चों को समय से पाठ्यपुस्तकें नहीं मिल पा रही है। वर्तमान शिक्षा सत्र का तीसरा माह बीतने को है, लेकिन बच्चों को समय से पुस्तक मिलना मुश्किल ही लग रहा है।  दो जुलाई से शिक्षा सत्र शुरू हो रहा है, लेकिन निदेशालय से पाठ्यपुस्तकों की खेप अभी तक नहीं आ पाई है। जबकि बेसिक शिक्षा विभाग की तरफ से महीनों पूर्व ही क्रय आदेश भेजा जा चुका है।  विभागीय अधिकारियों के मुताबिक पाठ्यपुस्तकों की खेप 30जून तक आ भी जाती है तो सत्यापन सहित अन्य प्रक्रिया पूरी होने में काफी समय लग सकता है।

ऐसे में बच्चों को बिन किताबों के ही पढ़ाई करना पड़ सकता है। अधिकारियों का दावा है कि पाठ्यपुस्तकें की खेप जल्द ही आ जाएगी। इस संबंध में पिपरी क्षेत्र के अभिभावक सत्यराम यादव, श्रीराम पांडेय, संजीव कुमार कर कहना है कि सर्व शिक्षा अभियान के तहत बच्चों को दी जाने वाली सुविधाओं का लाभ समय से नहीं मिल पा रहा है। शिक्षा सत्र की तीसरा माह बीतने को है। बच्चों को अभी तक किताबें नहीं मिल पाई है। शिक्षकों से पूछने पर आश्वासन के सिवाय कुछ भी हासिल नहीं होता है।
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