मऊ। अब आंगनबाड़ी केंद्रों पर योजनाओं का लाभ लेने के लिए भी आधार कार्ड अनिवार्य होगा। जिन बच्चों का कार्ड नहीं होगा उनको पोषाहार, हॉट कुक आदि योजनाओं का लाभ नहीं मिलेगा। ऐसे में जिले के केंद्रों में पंजीकृत ऐसे बच्चे जिनके आधार कार्ड नहीं बने है, उनके कार्ड विभाग द्वारा बनाए जाएंगे। बिना आधार कार्ड वाले शून्य से पांच साल तक के 105476 नौनिहालों के आधार कार्ड केंद्रों पर बनेंगे। यह कार्ड आंगनबाड़ी पर्यवेक्षक और कार्यकर्ता बनाएंगे जिन्हें प्रशिक्षण दिया गया है।
बच्चों में कुपोषण दूर करने के लिए महिला बाल विकास पोषाहार विभाग द्वारा अनेक योजनाएं चलाई जाती हैं। आंगनबाड़ी केंद्रों पर पांच महीने से लेकर छह साल तक के बच्चे आते हैं। जिले के 2587 आंगनबाड़ी केंद्रों पर 229120 बच्चे पंजीकृत हैं। इनमें 105476 बच्चों का आधार कार्ड नहीं बना है।
वहीं परिषदीय स्कूलों में एडमिशन लेने के लिए कम से कम छह वर्ष आयु सीमा निश्चित है। लेकिन परिषदीय स्कूलों के शिक्षक और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता गलत तरीके से आयु के मानक पूरे न करने वाले बच्चों के नाम भी अपने केंद्रों में लिख लेते हैं।
एक ही बच्चे के नाम दोनों जगह लिखकर फर्जीवाड़ा किया जाता है। अब शासन इस पर रोक लगाने जा रहा है। इसके लिए शासन ने आधार नंबर को हथियार बनाया है। और 20 कर्मचारियों को आधार कार्ड बनाने का प्रशिक्षण गत दिवस यूआईडीआई के मास्टर ट्रेनरों द्वारा दिया गया है।
आधार कार्ड बनाने के लिए केवल उन्हीं कर्मचारियों को सिलेक्ट किया गया है जो कंप्यूटर या स्मार्ट फोन जैसे हाइटेक उपकरणों को चलाने में दक्ष हैं। प्रशिक्षण के बाद सभी कर्मचारियों की एक परीक्षा लखनऊ में आयोजित होगी। परीक्षा में पास होने के बाद इन्हें उपकरण मुहैया कराया जाएगा।