सरायलखंसी थाना क्षेत्र के गरथौली निवासी मनोज की शिकायत व मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश पर 29.51 लाख रुपये धोखाधड़ी के मामले में पुलिस ने 24 जनवरी को जितेंद्र कुमार के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की है। धोखे में रखकर बतौर एजेंट उनके साथ तीन लोगों को रखा गया।
लोगों से संपर्क कर पैसा जमा करवाया, बाद में कार्यालय बंद कर भाग गया। इस मामले में कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने 9 लोगों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की थी।
प्राथमिकी के अनुसार मनोज का आरोप है कि पांच साल पहले मऊ कोतवाली के पुरानी तहसील पर स्वर्ण प्रभा निधि लिमिटेड के नाम से कंपनी खुली। चिरैयाकोट थाना क्षेत्र के कमरवां गांव निवासी जितेंद्र कुमार ने खुद को कंपनी का एमडी बताया उस कंपनी में उनके साथ, संजय कुमार मौर्य और बृजेश कुमार बतौर एजेंट काम पर रखा गया।
जितेंद्र कुमार ने तीन साल में डेढ़ गुना और पांच साल में दो गुना पैसा देने की बात कही। विश्वास में आकर मनोज ने अलग-अलग लोगों से 10 लाख 58 हजार 200 रुपये, बृजेश कुमार ने चार लाख रुपये, संजय कुमार मौर्य ने 14,86,93 रुपये जमा कराए।
इसके साथ ही कुछ और लोगों ने उनके माध्यम से पैसा जमा किया था। वर्ष 2024 में अचानक जितेंद्र कार्यालय में ताला बंद कर भाग गया। इन्होंने अपना पैसा मांगा तो, जितेंद्र ने कुछ लोगों को चेक देकर कहा कि जब मैं कहूंगा तो बैंक में जमा करके पैसा निकाल लीजिएगा।
दोबारा उससे बात नहीं हो पाई और चेक का समय भी समाप्त हो गया। इस तरह उसने छल कपट करके 29 लाख 51 हजार 136 रुपये हड़प लिया। अब पैसा मांगने पर सबको देख लेने की धमकी दे रहा है। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक अनिल सिंह ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।