बड़रांव ब्लॉक क्षेत्र में महत्वाकांक्षी अमृत सरोवर योजना बदहाली का शिकार है। जल संरक्षण और पर्यावरण संवर्धन के उद्देश्य से शुरू की गई इस योजना पर लाखों रुपये खर्च किए गए हैं। इसके बावजूद कई सरोवर रखरखाव के अभाव में सूखे पड़े हैं, कहीं घास उग आई है तो कहीं गंदा पानी भरा है।ग्रामीण सुरेंद्र यादव, रमेश, लालबहादुर आदि ने कहा कि कई सरोवरों में घास उग आई है और गंदा पानी भरा होने से बदबू आती है। उन्होंने नियमित सफाई की मांग की ताकि लोगों को इसका लाभ मिल सके।
पूर्व सैनिक नीरज राय ने कहा कि यदि समय रहते सफाई और मरम्मत नहीं कराई गई तो सरकारी धन का दुरुपयोग होगा। वहीं समाजसेवी मोहिउद्दीन ने कहा कि रखरखाव के अभाव में पशुओं को पीने का पानी नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने इस योजना को कागजी खानापूर्ति बताया।
तीन वर्ष पहले 38 ग्राम पंचायतों में अमृत सरोवर निर्माण की योजना शुरू की गई थी। कई स्थानों पर निर्माण कार्य अधूरे हैं, जबकि कुछ पूर्ण हो चुके सरोवरों की स्थिति भी संतोषजनक नहीं है।
ग्राम पंचायत रेयाव का अमृत सरोवर करीब 13 लाख रुपये की लागत से बना था, लेकिन उसमें पर्याप्त पानी नहीं है। गंदे पानी में कीड़े पनप रहे हैं और बड़ी-बड़ी घास उग आई है। किनारों पर लगी इंटरलॉकिंग टूट गई है और प्रकाश व्यवस्था भी नदारद है।
मादी दुल्लह में बना सरोवर पूरी तरह सूख चुका है और उसमें घास उग आई है। यहां लगी चार सोलर लाइटें भी गायब हैं। पौधरोपण के लिए लगाए गए सैकड़ों पौधे भी सूख रहे हैं। पिढउथ सिंहपुर के अमृत सरोवर में जलकुंभी फैली हुई है और साफ-सफाई का अभाव है। सोनाडीह में लाखों रुपये के भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे, जिसकी जांच रिपोर्ट का ग्रामीण आज भी इंतजार कर रहे हैं।
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ये है अमृत सरोवर का मानक
इस योजना के तहत प्रत्येक अमृत सरोवर का क्षेत्रफल कम से कम एक एकड़ होना चाहिए तथा 10 हजार घन मीटर जल संचयन क्षमता होनी चाहिए। साथ ही इसमें गंदे पानी का प्रवाह नहीं होना चाहिए। अमृत सरोवर योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में जल संकट दूर करना, सिंचाई सुविधाओं को बढ़ावा देना, रोजगार सृजन करना तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाना है। इन स्थलों पर राष्ट्रीय पर्वों के अवसर पर ध्वजारोहण कर शहीदों को भी याद किया जाता है।
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अमृत सरोवरों में पानी भरने के निर्देश दिए गए हैं। पानी भरा भी जा रहा है, लेकिन गर्मी के कारण वह जल्द सूख जा रहा है। -अरुण वर्मा, खंड विकास अधिकारी, बड़रांव