अमिला (मऊ)। 12 किलोमीटर लंबे अमिला-अजमतगढ़ मार्ग का निर्माण विभागीय लापरवाही के चलते फंस गया है। 19 दिसंबर को शासन से 27 करोड़ 88 लाख 39 हजार रुपये स्वीकृत तो हो गए लेकिन लोक निर्माण विभाग की लापरवाही से पांच जनवरी तक टेंडर नहीं हो सका। ऐसे में अब आचार संहिता के बाद ही इसका निर्माण हो सकेगा।
अमिला-अजमतगढ़ सड़क अरसे से बदहाल है। विधायक विजय राजभर के प्रयास से सड़क निर्माण व चौड़ीकरण के लिए शासन से 27 करोड़ 88 लाख 39 हजार रुपये की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई। 19 दिसम्बर को वित्तीय स्वीकृति मिलने के दो हफ्ते बाद भी लापरवाह अधिकारी टेंडर प्रकाशन की प्रक्रिया पूरी नहीं करा पाए। अब आचार संहिता लगते ही टेंडर की प्रक्रिया भी फंस गई। जिससे सड़क निर्माण अधर में लटक गया। सड़क निर्माण की बाट जोह रहे ग्रामीण भी निराशा हो गए हैं। सहायक अभियंता अजय प्रकाश ने बताया कि आचार संहिता हटने के बाद बांड बनाए जाएंगे।
सड़क निर्माण के लिए प्रदर्शन पर सपा नेताओं पर दर्ज हुआ था मुकदमा
अमिला। इसी सड़क पर बन गए बड़े बड़े गढ्ढों में भरे पानी में विरोध स्वरूप सपाजन धान रोप कर प्रदर्शन कर रहे थे। इसी दौरान उधर से विधायक विजय राजभर गुजरे थे। उन्हें देखकर सपाजनों ने नोरबाजी के बीच प्रदर्शन किया था। कुछ लोगों ने विधायक की गाड़ी पर कीचड़ भरे धान के पौधे भी फेंके थे। ऐसे में सपाजनों पर मुकदमा दर्ज कराया गया था।