फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जर्जर भवनों में खतरों के बीच जान को दांव पर लगा ड्यूटी करने को बाध्य चिकित्सक-स्वास्थ्य कर्मी

विज्ञापन
विज्ञापन
रानीपुर संक्रमण काल में चिकित्सीय सुविधाओं को बेहतर होने के बजाए दिन प्रतिदिन बदतर हालात में पहुंचते दिख रही है। जिले के स्वास्थ्य विभाग की उदासीनता का एक उदाहरण रानीपुर ब्लाक के खुरहट ग्राम पंचायत स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के रूप में है। करीब तीन दशक पुराने इस अस्पताल के भवन में सब कुछ बदहाल है। भवन खस्ता हाल हो चुका है। खिड़की और दरवाजे तक नहीं बचे हैं। यहां तैनात चिकित्सक तथा स्वास्थ्यकर्मी भी बारिश में इस भवन की स्थिति को देखते हुए सप्ताह में एक दो दिन आकर औपचारिकता निभाते हैं। शिकायतों के बाद भी इस भवन को दूसरे भवन में स्थानांतरित करने के लिए विभाग द्वारा कोई पहल नहीं की जा रही है।
विज्ञापन

रानीपुर ब्लाक के खुरहट में धर्मसीपुर, महासो,हाजीपुर, भौरेपुर, अमारी, कसारी, अमरहत, चक्रदेवा, बडार सहित आसपास के 15 गांवों में चिकित्सा सुविधा मुहैया कराने के लिए 1985 में शासन ने चार बेड के पीएचसी की स्थापना हुई थी। लेकिन भवन में अस्पताल संचालित होने के बाद एक बार भी अस्पताल का मरम्मत कार्य न होने के चलते अस्पताल जर्जर हालात में पहुंच चुका है। हालात यह है कि वर्तमान में अस्पताल के सभी कक्षों के साथ ओटी भी जर्जर हालात में है। जबकि यह अस्पताल ऐसे स्थान पर बना है जहां से मरीजों के लिए तहसील मुख्यालय तक पहुंच पाना मुश्किल है। बीमार होने पर उपचार लेने के लिए रानीपुर सीएचसी ही आना पड़ता है। इतना ही नहीं देखभाल के अभाव में परिसर में घास उग आई है, अस्पताल में लगे दरवाजे एवं खिड़कियां तक उखड़ गए हैं।वहीं स्टाफ के रहने के लिए बने आवासीय ब्लाक की भी दशा खराब है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें