कृषि भवन स्थित उपकृषि निदेशक कार्यालय में बुधवार को दिन में 10.59 बजे खाली कुर्सी।
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मऊ। कृषि भवन में अफसरों के दफ्तर पहुंचने का समय कुछ अलग ही दिखा। उप कृषि निदेशक सहित सभी अधिकारी ठीक दस बजे अपने कक्ष में पहुंच गए थे। कर्मचारी ही पिछड़ गए थे। कर्मचारी 10.15 बजे तक दफ्तर आते रहे। कुछ कर्मचारी दफ्तर आए भी तो अपनी सीट पर न बैठकर बाहर कुर्सी रखकर धूप सेंकने लगे। स्टेनो सहित चार कर्मचारियों को छोड़कर सभी कर्मचारी 11 बजे तक इधर उधर धूप लेते अथवा टहलते रहे।
अमर उजाला की टीम बुधवार की सुबह दस बजे कृषि भवन पहुंच गई थी। उस समय उप कृषि निदेशक एसपी श्रीवास्तव अपने कक्ष में मौजूद रहे।जिला कृषि अधिकारी उमेश कुमार भी कुछ ही देरी में दफ्तर आ गए। आतेेे ही उन्होंने एक कर्मचारी को बुलाकर अपने बगल में कंप्यूटर में कुछ नवीन विवरण अपलोड कराने लगे। उधर उप कृषि निदेशक भी अपने कक्ष में बैठे कुछ काम निपटाने में लग गए थे। उनके स्टेनो अपनी सीट पर बैठकर कुछ कागजात देखते मिले। मेन गेट के बाई तरफ स्थित हाल की सारी कुर्सियां 10.57 बजे तक खाली रहीं। सभी कर्मचारी बाहर रहे। एक बुजुर्ग चतुुर्थ श्रेणी महिला कर्मचारी कुछ सामान लेकर दूसरे कमरे में जाती दिखी। सामने के हाल में एक कर्मचारी 10.47 बजे उपस्थिति पंजिका पर हस्ताक्षर करता दिखा। कंप्यूटर कक्ष में एक संविदाकर्मी बैठा कंप्यूटर में कुछ विवरण देख रहा था। मुख्य द्वार से बाहर चार कर्मचारी कुर्सियां लगाकर धूप का आनंद ले रहे थे। कुछ आगे बढ़ने पर धूप में मेज कुर्सियां रखकर एक एसडीओ और एक अन्य अधिकारी बैठे थे।अंदर कर्मचारियों को बैने के लिए बनी सारी केबिनें खाली रहीं।
पंजीकरण काउंटर पर जमी रही धूल:
कृषि भवन के मेन गेट से अंदर ठीक सामने किसान पंजीकरण काउंटर है। उस काउंटर पर काफी धूूल जमी हुई थी। किसान सम्मान निधि को लेकर यहां आए राम नवल नामक किसान ने बताया कि उसने इस काउंटर पर किसी कर्मचारी को बैठते नहीं देखा। केबिन और काउंटर पर जमी धूल यह साबित कर रही थी कि यहां महीनों से कोई कर्मचारी बैठकर काम नहीं किया है।
सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को सख्ती से निर्देशित किया गया है कि समय से दफ्तर आएं और काम काज निपटाएं। दो कर्मचारी अवकाश पर हैँ। उमेश कुमार, जिला कृषि अधिकारी, मऊ।