छोटी सरयू नदी की सफाई के नाम पर नदी के तट पर उगे सिर्फ घासफूस को जेसीबी से हटाने का आरोप स्थानीय किसानों ने सिंचाई विभाग पर लगाया है। उनका कहना है कि छोटी सरयू की ठीक से सफाई नहीं होने से नदी का क्षेत्रफल लगातार सिमटता जा रहा है। सिर्फ खानापूरी करने के चलते नदी का प्रवाह थम गया है।
किसान नेता देव प्रकाश राय ने छोटी सरयू की सफाई को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। आजमगढ़ के लाटघाट से शुरू हुई 59 किमी लंबी छोटी सरयू नदी का पानी तमसा नदी तक आते आते काला हो जाता है। करोड़ों खर्च होने के बाद भी नदी के हालत यथावत है। स्थानीय लोगों का कहना है कि दोहरीघाट, बड़रांव ,घोसी और कोपागंज विकासखंडों के कछार के गांव की कृषि योग्य भूमि की सिंचाई का एकमात्र साधन छोटी सरयू नदी ही है। लगातार हो रहे अतिक्रमण और समय पर ठीक से सफाई न किए जाने से छोटी सरयू किसानों के लिए अब अभिशाप बन गई है। किसान नेता देव प्रकाश राय ने सिंचाई बाढ़ खंड के अधीक्षण अभियंता बलिया को पत्र भेजकर आरोप लगाया है कि सफाई के नाम पर जेसीबी से सिर्फ घासफूस हटाई जा रही है। नदी की सफाई जनवरी,फ़रवरी में कराना चाहिए था। इस समय नदी में पानी भरा है तो नदी की सफाई कैसे हो रही है। अधिशासी अभियंता वीरेंद्र सरोज का कहना है कि छोटी सरयू नदी की ठीक से सफाई करने के निर्देश दिए गए हैं।