अमिला। घोसी तहसील क्षेत्र के मुहम्मदाबाद सिपाह में पोखरियों और ताल की प्रस्तावित नीलामी को लेकर ग्रामीणों ने क्षेत्रीय लेखपाल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि पूर्व में मल्लाह समुदाय के लोगों को पट्टे पर दी गई भूमि को लेकर नियमविरुद्ध तरीके से नोटिस जारी किए जा रहे हैं और कथित तौर पर धन उगाही का प्रयास किया जा रहा है। ग्रामीणों ने शुक्रवार को डीएम को शिकायती पत्र देकर मामले की निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की। शिकायत का संज्ञान लेते हुए डीएम ने एसडीएम घोसी अशोक सिंह को जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
मुहम्मदाबाद सिपाह निवासी प्रशासक रामदास साहनी, अभिषेक राय, अमर, सुनील आदि ने शिकायती पत्र में बताया कि आगामी 24 अगस्त को ग्राम पंचायत की 11 पोखरियों और ताल की नीलामी प्रस्तावित है। इसके लिए क्षेत्रीय लेखपाल ने रिपोर्ट तैयार कर तहसील प्रशासन को दी है।
ग्रामीणों का आरोप है कि लेखपाल की रिपोर्ट में ऐसी कई पोखरियां और ताल भी शामिल कर दिए गए हैं, जिनको लेकर मिल-जुमला अथवा मुकदमे चल रहे हैं। वहीं, जिन पोखरियों की नियमित रूप से नीलामी होती है, उन्हें सूची से बाहर कर दिया गया है। आरोप है कि सही तथ्यों को छिपाकर ग्राम पंचायत में मनमाने तरीके से कार्रवाई की जा रही है। लेखपाल विनोद गौतम ने बताया कि ताल के सीमांकन के लिए टीम गठित कर दी गई है। सोमवार को टीम मौके पर पहुंचकर ताल का सीमांकन करेगी। उन्होंने धन उगाही के आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि राजस्व विभाग की ओर से नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।
पट्टाधारकों को नोटिस देने पर भी सवाल
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पूर्व में मल्लाह समुदाय के लोगों के लिए किए गए पट्टों को लेकर भी नोटिस जारी किए जा रहे हैं। इसके माध्यम से कथित तौर पर धन उगाही का प्रयास किया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि मामले की शिकायत पहले भी कई बार की जा चुकी है, लेकिन कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने डीएम से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करने और पट्टाधारकों को अनावश्यक रूप से परेशान किए जाने पर रोक लगाने की मांग की है। एसडीएम घोसी अशोक सिंह ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है। जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।