कांग्रेस कार्यकर्ता संजीव द्विवेदी की पुलिस द्वारा की गई पिटाई व क्षेत्रीय समस्याओं को लेकर कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं ने मुहम्मदाबाद गोहना तहसील के बाहर मंगलवार को धरना दिया गया। कांग्रेस नेताओं ने दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किए जाने व समस्याओं के निराकरण की मांग की। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वाराणसी के पूर्व सांसद राजेश मिश्र ने सपा शासन को ज्यादती की सरकार बताया।
हलीमाबाद गांव निवासी कांग्रेस कार्यकर्ता संजीव द्विवेदी की मुहम्मदाबाद गोहना पुलिस ने 20 दिन पूर्व जबरदस्त पिटाई कर दी। इससे आहत व नाराज कांग्रेस कार्यकर्ता पुलिस व प्रशासन से आरपार की लडा़ई की मूड में हैं। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को एक बार फिर से पिटाई का मुद्दा गरम करते हुए तहसील में धरना दिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व सांसद राजेश मिश्र ने कहा कि सपा शासन में अधिकारी, कर्मचारी व पुलिस पूरी तरह से निरंकुश हो चुके है। कहा कि पूरे प्रदेश में अराजकता का बोलबाला है।
मंत्री, विधायक व अधिकारी केवल लूट खसोट में व्यस्त है। श्री मिश्रा ने कहा कि प्रदेश की सत्ता से विगत 27 सालों से कांग्रेस पार्टी बाहर है। इस बीच उत्तर प्रदेश का विकास पूरी तरह पिछड़ गया है। संजीव द्विवेदी की पिटाई पर बोलते हुए डॉ. मिश्रा ने कहा कि संजीव को लगी चोट केवल संजीव को नहीं अपितु कांग्रेस के हर कार्यकर्ता के दिल पर लगी है। हर लाठी व चोट का हिसाब होने और दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्यवाही होने तक कांग्रेस पार्टी चुप बैठने वाली नहीं है।
पूर्व जिलाध्यक्ष राष्ट्रकुंवर सिंह ने कहा कि मऊ जनपद में अपराधियों का बोलबाला है। आए दिन व्यापारी, ठेकेदार व दुकानदारों पर हमला हो रहा है। कहा कि जनपद के हर सरकारी कार्यालयों में भ्रष्टाचार चरम पर है। श्री सिंह ने कहा कि संजीव द्विवेदी की पुलिस द्वारा की गयी पिटाई अकारण है। कहा कि पुलिस ज्यादती का विरोध किया जाना पुलिस को इस कदर नागवार लगा कि द्विवेदी के ऊपर दर्जनों पुलिस कर्मियों ने लाठी बरसाया।
कहा कि इसके बाद संजीव समेत अन्य लोगों पर फर्जी मुकदमा भी लाद दिया गया है। सिंह ने कहा कि कांग्रेस पार्टी लड़ाई से डरने वाली नहीं है। संजीव द्विवेदी के साथ हुए पुलिसिया उत्पीड़न का हर स्तर पर विरोध किया जायेगा। सभा को संबोधित करने वालों में प्रमुख रूप से उमाशंकर सिंह, नन्द किशोर सिंह, महेंन्द्र सोनकर, छोटेलाल, राना खातून, आदि रहे। संचालन नन्द किशोर सिंह ने किया।