छह सूत्रीय मांगों को लेकर लेखपालों ने मंगलवार को एक दिवसीय कार्य बहिष्कार कर धरना दिया। तहसील दिवस का बहिष्कार किया। लेखपालों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों से संबंधित शासनादेश नहीं जारी किया गया तो वे 17 से 22 अगस्त तक कार्य दिवस में काली पट्टी बांध कर विरोध जताएंगे। इसके बावजूद सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानी तो 23 से 29 अगस्त तक पूर्ण कार्य बहिष्कार करते हुए विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। 30 अगस्त को लेखपाल विधानसभा भवन का घेराव करेंगे।
सदर तहसील पर आयोजित धरने में तहसील अध्यक्ष स्वामीनाथ प्रसाद गुप्ता ने कहा कि एसीपी विसंगति, पदनाम, राजस्व निरीक्षक शैक्षिक योग्यता स्नातक करते हुए प्रारंभिक 5200- 20000 और ग्रेड पे 2800 करने की मांग सरकार नहीं मान रही है।
इसके अतिरिक्त लेखपाल संवर्ग का काडर पूर्व की नीति जनपद स्तरीय करते स्थानांतरण नीति में संशोधन करने, पांच लेखपालों पर एक राजस्व निरीक्षक और राजस्व परिषद के द्वारा चार अप्रैल 2016 को जारी राजस्व निरीक्षक के 626 पदों का सृजन करने तथा लेखपालों को लैपटाप देने की मांगें लंबित हैं। धरना में तहसील, मंत्री प्रह्लाद भारद्वाज, वरिष्ठ उपाध्यक्ष सतेंद्र मिश्रा, कनिष्ठ उपाध्यक्ष राम बदन यादव, बाल गोविंद , हरिप्रकाश गौतम और अजय लाल श्रीवास्तव सहित तहसील के सभी लेखपाल उपस्थित रहे।
घोसी संवाददाता के अनुसार उ.प्र लेखपाल संघ शाखा घोसी द्वारा राजस्व मंत्री के नाम संबोधित छ: सूत्रीय मांग पत्र को उपजिलाधिकारी एसडी सिंह को सौंपा। साथ ही कार्य बहिष्कार के साथ तहसील दिवस का भी बहिष्कार किया। मुख्य सचिव को संबोधित मांगपत्र में संघ के अध्यक्ष बालचंद यादव ने मांग की कि संवर्ग में उत्पन्न एसीपी विसंगति को दूर किया जाय। इस अवसर पर राजेश यादव, रघुनाथ प्रसाद, सुधाकर, संजय दुबे, अरविंद सिंह, दिनेश यादव, श्वेता, शाहिस्ता, कमलेश, सबिता, सुदामा, शिवप्रताप, मनोज, रीतेश आदि लेखपाल रहे।
मुहम्मदाबाद गोहना संवाददाता के अनुसार तहसील में कार्यरत लेखपालों ने मांगो को लेकर मंगलवार को तहसील परिसर में एक दिवसीय धरना दिया। बाद में मांगों के बाबत राजस्व मंत्री को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा।