जिला जज सीएम दीक्षित ने शुक्रवार को जिलाधिकारी चंद्रकांत पांडेय, पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार शुक्ला व सीजेएम अली रजा के साथ जिला जेल का निरीक्षण किया।
पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार शुक्ल ने इस दौरान जिला जज को जेल में मोबाइल का इस्तेमाल करते हुए बाहर आपराधिक घटनाओं को अंजाम दिए जाने के संबंध में जानकारी दी।
ऐसे में जिला कारागार में जैमर लगाकर मोबाइल के इस्तेमाल पर रोक लगाए जाने की प्रशासन तैयारी कर रहा है। प्रशासन इस मामले में शासन को रिपोर्ट भेजने की तैयारी में है।
निरीक्षण के दौरान जिला जेल में 449 बंदी मिले। इसमें से 101 सजायाफ्ता हैं, जिसमें से तीन महिलाएं है। निरीक्षण के दौरान किशोर बैरक में 29 बंदी पाए गए, वही, महिला बैरक में 14 महिलाएं बंद हैं।
एक महिला के साथ उसका अबोध बच्चा था। निरीक्षण के दौरान बैनामा के एक मामले में एक महिला व पुरुष बंद मिले। उनकी बात सुनने के बाद जिला जज ने डीएम को निर्देश दिया,
बैनामा की पारदर्शिता के लिए क्रेता व विक्रेता का प्रमाणित फोटो व पहचान पत्र लगाने का आदेश दें, ताकि जालसाजी से लोगों को राहत मिले। निरीक्षण में बैरकों व अस्पताल की सफाई अच्छी मिली।
इस दौरान जिला जज ने जेल अधीक्षक से सर्वोच्च न्यायालय व मानवाधिकार आयोग द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करने का निर्देश दिया।
निरीक्षण के दौरान आए दिन छापेमारी के दौरान आपत्ति जनक वस्तुओं के मिलने को लेकर इस बार जेल प्रशासन पूरी तरह से सतर्क रहा।
जेल के निरीक्षण के दौरान शुक्रवार को कोई आपत्तिजनक सामग्री नहीं मिली। बता दें कि इसी सप्ताह डीएम और एसपी के संयुक्त छापामारी में जिला जेल में न सिर्फ एक कुख्यात अपराधी गेट के अंदर बिना
बैरक के संदिग्ध रूप से घूमते हुए पाया गया बल्कि इस मौके पर जेल के अधिकारी कर्मचारी के साथ प्रशासनिक अधिकारी भी उपस्थित रहे।