कई दिनों से शीतलहर तथा कोहरे का प्रकोप जारी रहने के बीच रविवार को तड़के बूंदाबांदी हुई। बूंदाबांदी होने से ठंड बढ़ गई। दोपहर बाद धूप निकल जाने से लोगों को राहत मिली। मौसम में बदलाव से फसल नुकसान की चिंता किसानों को सताने लगी है। कृषि विशेषज्ञ मौसम को खेती के लिए अच्छा मान रहे हैं।
कई दिनों से शीतलहर तथा कोहरे का कहर जारी रहने से लोगों की परेेशानी बढ़ती ही जा रही है। रविवार को तड़के बूंदबांदी हुई। बूंदाबांदी होने से ठंड में इजाफा हो गया। काफी संख्या में किसान गेेहूं की पहली सिंचाई कर चुके हैं। मौसम में आए परिवर्तन से बारिश की संभावना से फसलों को लेकर किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें दिखाई देने लगी है।
इस संबंध में किसान प्रेमनारायण सिंह, शांतानंद राय, मंगल प्रसाद का कहना है कि गेहूं के फसल की अभी हाल ही में सिंचाई हुई है। मौसम परिवर्तन से अब समझ में नहीं आ रहा है। कृषि विशेषज्ञों की मानें तो यदि बारिश होती है तो फसलों पर इसका असर नहीं पड़ेगा। पहली बारिश होने के चलते फसलों को लाभ ही पहुंचेगा।
इस संबंध में अपर जिला कृषि अधिकारी अशोक कुमार का कहना था कि बारिश होने की संभावना काफी कम है। यदि बारिश होती है तो फसलों पर असर नहीं पड़ेगा। कहा कि किसानों को घबराने की जरूरत नहीं है। पहली बारिश होने के चलते नुकसान नहीं होगा। सिंचाई किए गए खेतों में पानी नहीं लगना चाहिए। बारिश के बाद खेतों में पानी लगता है तो खेतों से पानी निकाल देना चाहिए।