मऊ। सदर तहसील बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं के समर्थन में डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन के अधिवक्ता ने लगातार आठवें दिन न्यायिक कार्यों का बहिष्कार किया।आरोप है कि पत्र के माध्यम से एसडीएम न्यायिक सदर अखिलेश यादव को समस्याओं के संबंध में सूचना दिया गया। लेकिन अभी उनकी समस्याओं पर विचार नहीं किया जा रहा है, न ही जवाब दिया गया है। यही कारण है कि बीते आठ दिन से तहसील में न्यायिक कार्य बाधित हो रहा है।
बीते तीन जुलाई को सदर तहसील बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सुशील कुमार राय की अध्यक्षता में आम सभा की बैठक हुई थी। जिसमें उपजिलाधिकारी सदर के न्यायालय में 400 से अधिक नए मुकदमे जिनपर उप जिलाधिकारी के हस्ताक्षर नहीं करने से दर्ज नहीं हो पाते हैं। पूर्व के पीठासीन अधिकारियों द्वारा वाद दर्ज करने के आदेश के बाद भी 2023 और 2024 के मुकदमों को आज तक दर्ज नहीं किया गया है। उपजिलाधिकारी न्यायिक सदर द्वारा लगभग दो माह पूर्व सुने गए बहस के बाद आदेश में रखे लगभग 300 मुकदमों में आज तक आदेश नहीं पारित किया गया है। मनमाने तौर पर वादकारियों का अहित करते हुए बिना बहस सुने ही पैरवी व साक्ष्य के अभाव में मुकदमों को निरस्त किया गया है। चेतावनी दी कि यदि तत्काल पीठासीन अधिकारी द्वारा कोई संतोषजनक निर्णय नहीं लिया जाता है तो, संघ उच्चाधिकारियों और उत्तर प्रदेश शासन को पत्र भेजकर न्याय की गुहार लगाएगा।