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माध्यमिक विद्यालय बंद चलने से नहीं नहीं शुरू हो सकी एडमिशन प्रक्रिया:

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मऊ। कोरोना संक्रमण के चलते माध्यमिक विद्यालय बंद होने से प्रवेश की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है। अभिभावक बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित हैं। छात्र-छात्राएं भी पढ़ाई को लेकर परेशान हैं। उधर, शासन निर्देश पर जिला विद्यालय निरीक्षक ने सभी विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को ऑनलाइन पढ़ाई शुरू करने का निर्देश दिया है।
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जिले में 14 राजकीय, 67 सहायता प्राप्त सहित 436 मान्यता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में लगभग तीन लाख छात्र छात्राएं अध्ययनरत हैं। लंबे समय बाद अक्तूबर में नौवीं से 12वीं तक के स्कूल खुले। मार्च में गृह परीक्षाएं चल रही थी कि कोरोना की दूसरी लहर शुरू होने के कारण स्कूल, कालेज एक बार फिर बंद हो गए। अप्रैल से नया शिक्षा सत्र शुरू हो गया है लेकिन अभी तक प्रवेश की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई है। शासन के निर्देश पर जिला विद्यालय निरीक्षक ने ऑनलाइन पढ़ाई शुरू करने के निर्देश दिया है। कॉलेज प्रशासन ने वाट्सग्रुप बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
नौवीं के अमित कुमार सिंह का कहना है कि अभी तक न तो आनलाइन पढ़ाई शुरू हो पाई है। कोर्स कैसे पूरा होगा, इसका कोई भरोसा नही ंहै। 10वीं की छात्रा वर्तिका त्रिपाठी ने कहा कि नया शिक्षा सत्र शुरू हो गया है, लेकिन विद्यालय बंद चल रहे हैं। ऑनलाइन पढ़ाई कब शुरू होगा पता नहीं चल पा रहा है। पिछली बार शिक्षक ग्रुप में वीडियो डाल रहे थे, लेकिन इस बार तो कुछ भी नहीं हो पा रहा है।
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छात्रा खुशी मिश्रा ने कहा कि विद्यालय बंद होने के चलते पढ़ाई बंद हो गई। प्रवेश प्रक्रिया शुरू न होने से ऑनलाइन पढ़ाई शुरू नहीं हो सकी है।
इंटर कालेज सरसेना के प्रधानाचार्य डॉ. दिलीप कुमार अवस्थी ने कहा कि विद्यालय बंद होने से प्रवेश नहीं हुआ है। प्रवेश के बाद भी आनलाइन पढ़ाई शुरू हो सकती है। विद्यार्थियों का वाट्सग्रुप बनाया जा रहा है। डीएवी इंटर कालेज के प्रधानाचार्य देवभाष्कर तिवारी ने कहा कि वर्चुअल क्लास चलाने के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जल्द आनलाइन पढ़ाई शुरू कर दी जाएगी।
कोट
वाट्सएप ग्रुप के माध्यम से ऑनलाइन पढ़ाई शुरू करने के लिए जिले के सभी माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को निर्देश दिया गया है।-राजेेंद्र प्रसाद, जिला विद्यालय निरीक्षक।
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