अपर आयुक्त आजमगढ़ अनिल कुमार मिश्र ने सोमवार को तहसील और थाने का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कई जगहों पर उन्हें खामी दिखी तो कई कार्यों को संतोषजनक बताया। तहसील भवन निर्माण की गुणवत्ता में अनियमितता दिखने पर ठेकेदार को फटकार लगाई। थाने में 26 लंबित मामलों को अविलंब निस्तारित करने का निर्देश दिया।
मधुबन तहसील के निरीक्षण में अपर आयुक्त ने क्रमवार एक एक विभाग की जांच की। संग्रह विभाग में सीजनल अमीनों का कार्य संतोषजनक पाया तो नियमित अमीनों के मानक से भी कम वसूली पर नाराजगी प्रकट करते हुए उसमें सुधार लाने का निर्देश दिया। साथ ही अभिलेखों के रखरखाव ठीक से न होने पर नाराजगी व्यक्त की।
तहसील दिवस से जुड़े मामलों को मौके पर हल करने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि अधिकांश मामलों में दोनों पक्षों को बुलाकर समस्या का हल करने की पहल भी करें। मजबूरी में ही उसे न्यायालय में दाखिल किया जाय। इसके अलावा स्थानीय अधिवक्ताओं ने तहसील परिसर में ही अधिवक्ता व वादकारी चैंबर बनाने की मांग की। जिस पर विचार करने का आश्वासन उन्होंने दिया।
अपर आयुक्त ने निर्माणाधीन तहसील भवन का भी निरीक्षण किया। भवन में ईंट और बालू सीमेंट का मिश्रण गाइड लाइन के मुताबिक न पाने पर फटकार लगाई। पत्रकारों के एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि टीएसी की जाँच के बाद यदि रिपोर्ट में गड़बड़ी की शिकायत पाई गई तो संबंधित संस्था पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने थाने का भी निरीक्षण किया।
थाने में सब कुछ ठीक पाने पर उन्होंने कोतवाल की पीठ भी थपथपाई। लेकिन दो दर्जन लंबित मामलों को अविलंब निस्तारित करने का आदेश भी दिया। इसके अलावा जिला बदर की कार्यवाही को अमली जामा पहनाने के आदेश दिये। कहा कि ये कार्रवाई केवल कागजों तक ही सीमित न रहे।
इस अवसर पर एसडीएम एम लाल, तहसीलदार रामभेज कोतवाल हवलदार यादव आदि उपस्थित थे। बता दें कि इस भवन निर्माण में घटिया सामग्री प्रयुक्त किए जाने का आरोप लगाते हुए सपा के वरिष्ठ नेता राजेंद्र मिश्र ने शासन को शिकायती पत्र शासन को भेजा था। अपर आयुक्त के इस निरीक्षण को उसी परिप्रेक्ष्य में देखा जा रहा है।