जिले में अब बिना एक्सपायरी डेट के अंडे नहीं बिक पाएंगे। अगर खुले में बिना एक्सपायरी डेट के अंडे बिक्री करते हुए पाए गए तो संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह नियम अप्रैल माह से लागू किया जाएगा।
इसको लेकर एक संयुक्त टीम बनाई गई है जिसमें पशुपालन, खाद्य सुरक्षा व औषधि प्रशासन व उद्यान विभाग के अधिकारी शामिल है।यह टीम जनपद में बिकने वाले अंडों की निगरानी करेगी।
जिले के चारों तहसील सदर, मुहम्मदाबाद गोहना, मधुवन, घोसी में 540 पोल्ट्री फार्म हैं। इसमें 390 का रजिस्ट्रेशन किया गया है। इसके साथ ही 1075 प्राइवेट पोल्ट्री फार्म संचालित हैं।
ऐसे में जनपद में काफी मात्रा में अंडों की खपत होती है। अब तक ग्राहकों को अंडा के पुराना होने की जानकारी नहीं हो पाती है। नए नियम के बाद अब शासन की तरफ से अंडे पर एक्सपायरी डेट लिखने का फरमान जारी कर दिया गया है। प्रदेश के अंडा उत्पादकों को अंडों पर उनकी लेईंग डेट और एक्सपायरी डेट अंकित करने की व्यवस्था करने के लिए 31 मार्च तक का समय दिया गया था। इस बीच बहुत से पोल्ट्री फार्म संचालकों ने अंडाें पर यह तिथियां अंकित करना भी शुरू कर दिया है।
वहीं कुछ पोल्ट्री फार्म संचालन अपने ब्रांड नेम अंकित कर रहे हैं। खाद्य विभाग के अनुसार प्रतिदिन हर रोज आंध्र प्रदेश, तमिलनाडू सहित दूसरे राज्यों से पांच करोड़ से अधिक अंडों की खपत होती है।
इसके साथ ही बाहर से आने वाले अंडों की भी ट्रैकिंग की व्यवस्था विकसित की जा रही है। राज्य में फिलहाल अंडों के लिए सिर्फ आगरा और झांसी में दो कोल्ड स्टोरेज हैं। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी सीपी सिंह कुशवाहा ने बताया कि एक्सपायरी डेट को लेकर जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा।
एक्सपायरी डेट अनिवार्य होने से बाजार में गुणवत्ता नियंत्रण मजबूत होगा। अंडा उत्पादकों के लिए और अवसर पैदा होंगे।