अवकाश स्वीकृत कराए बिना ही डयूटी से नदारद रहने वाले डॉक्टरों पर शासन स्तर से कार्रवाई की जाएगी। शासन से इसके लिए सीएमओ को पत्र लिखा गया है।
पत्र में नदारद रहने वाले चिकित्सा अधिकारियों के खिलाफ संबंधित मुख्य चिकित्साधिकारी, प्रमुख अधीक्षक, अधीक्षिका, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक से कार्यवाही की संस्तुति भी नहीं करने की बात कही गई है। विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से अस्पतालों में चरमराती व्यवस्था को लेकर शासन से नाराजगी जताई गई है। पत्र में कहा गया है कि अनधिकृत रूप से ड्यूटी से अनुपस्थित चल रहे चिकित्सा अधिकारियों के विरुद्ध तत्काल कार्रवाई होगी। अनुशासनिक व विभागीय कार्यवाही की स्पष्ट संस्तुति, साक्ष्य सहित आरोप पत्र देकर 15 दिन के अंदर स्वास्थ्य महानिदेशक को भेजा जाएगा। इस दौरान यह प्रमाण-पत्र भी देना होगा कि संबंधित चिकित्सक के अतिरिक्त उनके अधीन अन्य कोई चिकित्सक अनधिकृत रूप से अनुपस्थित नहीं हैं। इस रिपोर्ट का परीक्षण करने के बाद महानिदेशालय शासन को भेजा जाएगा, ताकि संबंधित चिकित्सा अधिकारी के खिलाफ शासन से भी जल्द से जल्द कार्रवाई की जा सके। जिले में अभी मुख्यालय के दो प्रमुख अस्पताल, टड़ियाव अस्पताल और दस सीएचसी के साथ करीब 40 पीएचसी का संचालन हो रहा है। इस अस्पताल के साथ स्वास्थ्य केंद्र पर तैनात कोई भी चिकित्साधिकारी अब बिना जानकारी के स्वास्थ्य केंद्र से गायब नहीं हो सकेेगा। चिकित्साधिकारी को अवकाश लेने के लिए सक्षम अधिकारी से अवकाश को स्वीकृत कराना होगा। बिना जानकारी के ड्यूटी से गायब पाए जाने पर उससे संबंधित जानकारी स्वास्थ्य महानिदेशक को दिया जाएगा। चिकित्साधिकारी के अनुपस्थिति के दौरान किसी अन्य चिकित्सक के अनुपस्थित पाए जाने पर शासन स्तर से सीधे कार्रवाई होगी।
शासन के आदेश के क्रम में सभी को अवगत करा दिया गया है। जो भी चिकित्साधिकारी बिना अवकाश के अनुपस्थित रहेगा, उसके खिलाफ जांच के बाद कार्रवाई होगी। -डॉ. राहुल सिंह, सीएमओ