उर्वरक की कालाबाजारी और ओवररेटिंग को रोकने के लिए कृषि विभाग ने कवायद शुरू कर दी है। इसी क्रम में शनिवार को जिला कृषि अधिकारी सोम प्रकाश गुप्ता ने बताया कि कृषकों को उनकी जोत के अनुसार संस्तुत में गुणवत्तायुक्त उर्वरक उपलब्ध कराने के दृष्टिगत जनपद के सभी उर्वरक विक्रेताओं को कि किसी भी दशा में उर्वरक की कालाबाजारी एवं ओवररेटिंग करते पाया गया।
बताया कि सम्बन्धित के विरुद्ध दणात्मक कार्यवाही की जाएगी। इसके साथ ही समस्त उर्वरक विक्रेता अपने-अपने उर्वरक बिक्री केन्द्रों पर स्टॉक बोर्ड एवं रेट बोर्ड अनिवार्य रूप से ऐसे स्थान पर प्रदर्शित करना सुनिश्चित करें कि कृषक को आसानी से मूल्यों की जानकारी हो सके।
कहा कि स्टॉक बोर्ड एवं रेट बोर्ड न पाये जाने पर या शिकायत प्राप्त होने पर संबंधित उर्वरक विक्रेता के विरूद्ध उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 के तहत कार्यवाही की जाएगी। इसके साथ किसी किसान बंधु को उर्वरक बिक्री करते समय किसी अन्य उत्पाद की टैगिंग नहीं करनी है।