गिरफ्तार घपले का सहआरोपी लेखपाल
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मऊ-गोरखपुर फोरलेन निर्माण के मुआवजे के एक करोड़ एक लाख सैंतीस हजार सात सौ बारह रुपये के गबन के आरोपी लेखपाल गाजीपुर जिले के खानपुर थाना के सुब्बा गांव निवासी मोहम्मद फरीद को गिरफ्तार किया गया है। यह कार्रवाई आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन (ईओडब्ल्यू) की वाराणसी इकाई ने की है। गिरफ्त में आया फरीद मौजूदा समय में मऊ जिले के घोसी तहसील के हेमई अमला हल्के के लेखपाल के तौर पर कार्यरत था।
वर्ष 2016-17 में राष्ट्रीय राजमार्ग 29 मऊ से गोरखपुर के विस्तारीकरण के लिए घोसी तहसील के हेमई अमिला स्थित श्री ब्रह्म बाबा जूनियर हाईस्कूल की जमीन अधिग्रहीत की गई थी। इसके लिए विद्यालय के प्रबंधक के खाते में एक करोड़ एक लाख सैंतीस हजार सात सौ बारह रुपये का भुगतान किया गया था।
मुआवजे की रकम आजमगढ़ के कंधरापुर थाने के जमीन फरेंदा निवासी बबलू मौर्या फर्जी प्रबंधक बनकर धोखे से अपने बैंक खाते में ट्रांसफर करा लिया था। फर्जीवाड़ा उजागर होने पर 22 फरवरी 2018 को मुकदमा दर्ज कर बबलू मौर्या को गिरफ्तार किया गया। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए इसकी जांच ईओडब्ल्यू को सौंप दी गई।
ईओडब्ल्यू के एसपी डी प्रदीप कुमार ने बताया कि तफ्तीश में सामने आया कि बबलू मौर्या के फर्जी कागजातों को अमिला हेमई के तत्कालीन लेखपाल मोहम्मद फरीद ने सत्यापित किया था। तथ्यों और साक्ष्य के आधार पर इंस्पेक्टर सुनील कुमार वर्मा के नेतृत्व में इंस्पेक्टर विंध्यवासिनी मणि त्रिपाठी, शशिकांत सिंह और विनीत पांडेय की टीम ने फरीद को मऊ के सरायलखंसी क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया।
फरीद न करता फर्जीवाड़ा तो ट्रांसफर न हो पाता पैसा
इंस्पेक्टर सुनील कुमार वर्मा ने बताया कि फरीद फर्जीवाड़ा न करता तो बबलू के खाते में मुआवजे का पैसा ट्रांसफर नहीं हो पाता। फरीद ने फर्जी तरीके से स्कूल प्रबंधक बने बबलू के सीसी फार्म पर लगे फोटो, हस्ताक्षर, शपथ पत्र, हिस्सा प्रमाण पत्र, आधार कार्ड और बैंक पासबुक आदि को गलत ढंग से सत्यापित किया था। फरीद की सत्यापन रिपोर्ट के आधार पर ही बबलू के खाते में मुआवजे की राशि आई थी।