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पीसीएस में अभिषेक ने छठीं रैंक हासिल कर लहराया परचम

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पीसीएस में टाप टेन में चयनित होने के बाद मऊ के अभिषेक कुमार सिंह को मिठाई खिलातीं उनकी बड़ी बहन। - फोटो : MAU
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मऊ। कदम चूम लेती है खुद आके मंजिल, मुसाफिर अगर हिम्मत न हारे...। रतनपुरा गांव निवासी अभिषेक कुमार सिंह ने पीसीएस 2019 में छठवीं रैंक हासिल कर इसे सच कर दिखाया है। अभिषेक को बधाई देने वालों का तांता लगा है। उनके घर पर जश्न का माहौल है। उन्होंने कहा कि ईमानदारी से मेहनत करने पर कामयाबी अवश्य मिलेगी।
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अभिषेक कुमार सिंह मेधावी छात्र रहे हैं। रतनपुरा स्थित एवरग्रीन पब्लिक स्कूल से छठवीं तक की पढ़ाई करने के बाद उन्होंने लखनऊ स्थित सैनिक स्कूल में दाखिला लिया। वहां इंटरमीडिएट तक पढ़ाई की। इसके बाद वीवीडी इंजीनियरिंग कॉलेज लखनऊ से 2014 में प्रथम श्रेणी से इंजीनियरिंग करने के बाद वह बैंक में प्रोबेशन अधिकारी के पद पर तैनात हुए। वर्ष 2017 में भारतीय स्टेट बैंक मुंबई में डिप्टी मैनेजर पद पर उनकी नियुक्ति हुई। लेकिन अभिषेक को बैंक की नौकरी रास नहीं आई। वह प्रशासनिक अधिकारी बनना चाहते थे। परिणामस्वरूप अभिषेक ने बैंक की नौकरी छोड़कर सिविल सर्विसेज की तैयारी शुरू की।
सिविल सर्विसेज में वह इंटरव्यू तक पहुंचे, लेकिन सफलता नहीं मिली। लेकिन वह निराश नहीं हुए। इसके बाद उन्होंने पीसीएस 2019 की परीक्षा में भाग लिया। इसमें उनको छठवी रैंक हासिल हुई। अभिषेक ने बताया कि उन्हें एसडीएम का पद मिला है। बताया कि परीक्षा की तैयारी के दौरान उन्होंने दिन-रात एक कर दिया था। उनके अनुसार, इंटरव्यू में पूछा गया कि बैंक के डिप्टी मैनेजर का वेतन एसडीएम से ज्यादा होता है, ऐसे में एसडीएम क्यों बनना चाहते हैं? तब उन्होंने जनता की सेवा के लिए इस पद पर काम करने की बात कही। अभिषेक के पिता बीएम सिंह और माता ऊषा सिंह उच्च प्राथमिक विद्यालय मुस्तफाबाद मेें सहायक अध्यापक हैं। बहन अल्पना सिंह बंगलूरू स्थित बैंक में ब्रांच मैनेजर हैं। अभिषेक कुमार सिंह ने परीक्षा की तैयारी में लगे युवाओं को संदेश दिया कि ईमानदारी और लक्ष्य को ध्यान में रखकर की जाने वाली कड़ी मेहनत से कामयाबी हासिल होगी।
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