मऊ। बीते विधानसभा चुनाव में नफरती भाषण सहित चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन के तीन मामलों में आरोपी विधायक अब्बास अंसारी की बुधवार को कासगंज जेल से वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग से पेशी हुई। सीजेएम ने नफरती भाषण के मामले में 27 नवंबर और दो मामलों में 4 दिसंबर की तिथि तय की। इसमें दो मामला शहर कोतवाली और एक दक्षिण टोला थाना क्षेत्र का है।
पहला मामला शहर कोतवाली क्षेत्र का है। एसआई गंगाराम बिंद की तहरीर पर शहर कोतवाली में में एफआईआर दर्ज हुई। इसमें सदर विधायक अब्बास अंसारी व अन्य को आरोपी बनाया गया। आरोप है कि 3 मार्च 2022 को हुए विधानसभा चुनाव में सदर सीट से सुभासपा प्रत्याशी अब्बास अंसारी ने नगर क्षेत्र के पहाड़पुर मैदान में जनसभा के दौरान कहा कि मऊ प्रशासन को चुनाव के बाद रोककर हिसाब किताब किया जाएगा। पुलिस ने विवेचना मामले में धारा 506, 171 एफ,186,189,153 ए, 120 बी भादवि में सदर विधायक अब्बास अंसारी व उनके भाई उमर अंसारी, इलेक्शन एजेंट यूसुफपुर मुहम्मदाबाद निवासी मंसूर अंसारी के विरुद्ध आरोप पत्र कोर्ट में पेश किया है। मामले में उमर अंसारी कोर्ट में पेश नहीं हुए, उनकी गैरहाजिरी माफी की दरख्वास्त दी गई थी। वहीं अब्बास की वीसी से पेशी हुई। मामला साक्ष्य में चल रहा है, गवाह उपस्थित नहीं हुए सीजेएम ने मामले में 27 नवंबर की तिथि नियत की।
दूसरा मामला दक्षिण टोला थाना क्षेत्र का है। तत्कालीन निरीक्षक पंकज कुमार सिंह की तहरीर पर 12 फरवरी 2022 को आचार संहिता के उल्लंघन मामले में एफआईआर दर्ज हुई थी। मामले में पुलिस ने जांच कर अब्बास अंसारी, उमर अंसारी, साकिब लारी,शाहिद लारी, इशराईल अंसारी और रमेश राम के विरुद्ध चार्जशीट पेश की। हाइकोर्ट के आदेश के अनुपालन में सीजेएम ने धारा 188,171 भादवि के आरोप से मुक्त कर दिया है। वहीं धारा 133 लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत संज्ञान लिया है। इसमें आरोप तय करने के लिए आरोपियों का बयान दर्ज होना है। सीजेएम ने आरोपियों का बयान के लिए 4 दिसंबर की तिथि तय की। तीसरा मामला शहर कोतवाली क्षेत्र का है। मामले एसआई राजेश कुमार वर्मा की तहरीर पर एफआईआर दर्ज हुई। आरोप है कि 27 फरवरी 2022 को विधानसभा चुनाव के दौरान सुभासपा प्रत्याशी अब्बास अंसारी ने बिना अनुमति के राजारामपुरा से लेकर भरहु का पूरा तक रोड शो निकाला। इसमें 5-6 गाड़ियां और 100-150 लोगों की भीड़ एकत्र हो गई थी। पुलिस ने मामले की एफआईआर दर्ज कर बाद विवेचना अब्बास अंसारी, उमर अंसारी, गणेश दत्त मिश्रा, मंसूर अंसारी, मोहम्मद ईशा खान, शाहिद लारी, शाकिर लारी, जुल्फेकार और धर्मेंद्र सोनकर के विरुद्ध चार्जशीट कोर्ट में पेश किया। मामले में हाइकोर्ट ने आरोपियों पर किसी प्रकार की कार्रवाई पर रोक लगा दी।