अब्बास अंसारी कोर्ट में जाते
- फोटो : Amar Ujala
विधानसभा चुनाव में नफरती भाषण में विधायक अब्बास अंसारी को दो वर्ष की सजा, दूसरे आरोपी मंसूर अंसारी को षड्यंत्र में छह माह की सजा, तीसरे आरोपी उमर अंसारी की पत्रावली अलग
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट डाॅ. कृष्ण प्रताप सिंह ने शनिवार को 2022 विधानसभा चुनाव के दौरान नफरती भाषण और चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन में सदर विधायक अब्बास अंसारी और मंसूर अंसारी को दोषी पाया। अब्बास अंसारी को दो वर्ष की सजा के साथ ही कुल 11 हजार रुपये जुर्माना और मंसूर अंसारी को आपराधिक षड्यंत्र रचने के मामले में 6 माह की सजा के साथ ही एक हजार रुपये जुर्माना लगाया।
अर्थदंड न देने पर दो वर्ष और एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। मामला शहर कोतवाली क्षेत्र का है। मामले में अभियोजन के अनुसार एसआई गंगाराम बिंद की तहरीर पर शहर कोतवाली में एफआईआर दर्ज हुई। इसमें सदर विधायक अब्बास अंसारी व अन्य को आरोपी बनाया गया।
आरोप था कि 3 मार्च 2022 को विधानसभा चुनाव के दौरान सदर विधानसभा सीट से सुभासपा के प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ रहे अब्बास अंसारी ने नगर क्षेत्र के पहाड़पुर मैदान में जनसभा में जनपद मऊ के अधिकारियों को चुनाव के बाद रोककर हिसाब किताब करने व इसके बाद सबक सिखाने की धमकी मंच से दी थी।
पुलिस ने विवेचना के बाद सदर विधायक अब्बास अंसारी व उनके भाई उमर अंसारी, इलेक्शन एजेंट गाजीपुर जनपद के पुरानी कचहरी यूसुपुर मुहम्मदाबाद निवासी मंसूर अंसारी के विरुद्ध आरोप पत्र कोर्ट में पेश किया है। उमर अंसारी की पत्रावली अलग कर दी गई। मामले में केवल अब्बास अंसारी और मंसूर अंसारी की सुनवाई हुई।
पैरवी करते हुए अभियोजन अधिकारी हरेंद्र सिंह ने 6 गवाहों को पेशकर अभियोजन का पक्ष रखा। बचाव पक्ष से पैरवी करते हुए अधिवक्ता दारोगा सिंह ने तर्क दिया कि उन्हें झूठा फंसाया गया है। सीजेएम ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने और पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद अब्बास अंसारी और मंसूर अंसारी को दोषी पाया।
दोषी पाए जाने के बाद अब्बास अंसारी को आपराधिक षड्यंत्र के मामले में 6 माह की सजा के साथ ही एक हजार रुपये अर्थदंड लगाया। धर्म, मूलवंश, जन्म स्थान, निवास स्थान, भाषा आदि के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच शत्रुता का संप्रवर्तन और सौहार्द बने रहने पर प्रतिकूल प्रभाव डालने के मामले में 2 वर्ष की सजा के साथ ही 3 हजार रुपये जुर्माना लगाया।
वहीं लोक सेवक को क्षति कारित करने की धमकी के मामले में 2 वर्ष की सजा के साथ ही 3 हजार जुर्माना। निर्वाचनों में असम्यक असर डालने या प्रतिपरूपण के मामले में 6 माह की सजा और आपराधिक अभित्रास के मामले में एक वर्ष की सजा के साथ ही 2 हजार जुर्माना लगाया।
वहीं मंसूर अंसारी को आपराधिक षड्यंत्र के मामले में 6 माह की सजा के साथ एक हजार जुर्माना लगाया। अर्थदंड न देने पर एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
दोषी करार देने के बाद अधिवक्ता बयान देते
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अब्बास अंसारी पक्ष और आरोपी पक्ष के अधिवक्ताओं का बयान, सत्र न्यायालय में करेंगे सजा को लेकर अपील, विधायकी पर कोई असर नहीं
अभियोजन अधिकारी हरेंद्र सिंह ने फैसले पर संतोष जताते हुए कहा कि फैसले की नकल उपलब्ध होने के बाद संयुक्त निदेशक अभियोजन के साथ बैठकर विचार विर्मश करने के बाद ही अगली कार्रवाई की जाएगी। वहीं नफरती भाषण में सीजेएम कोर्ट से दो साल की सजा सुनाए जाने पर अब्बास अंसारी के अधिवक्ता और बार एसोसिऐशन के अध्यक्ष दारोगा सिंह ने अमर उजाला से बातचीत में बताया कि इस फैसले के खिलाफ सत्र न्यायालय में अपील दाखिल करेंगे। फैसले से अब्बास अंसारी के विधायकी पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
सजा सुनाए जाने के बाद निराश दिखे अब्बास
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हाथ पकड़कर एक दूसरे का हौसला बढ़ाते रहे अब्बास-उमर
नफरती भाषण में अब्बास अंसारी सुबह साढ़े नौ बजे से दोपहर दो बजकर 45 मिनट तक कोर्ट परिसर में रहा। इस बीच 11:30 बजे दोषी साबित हाेने के बाद सजा सुनाने तक दोनों भाई सीजेएम कोर्ट में मौजूद रहे।
सफेद कुर्ता पायजामा में अब्बास के आंखों के भाव चश्मा पहनने के चलते कोई आंक नहीं सका।
लेकिन कटघरे में इलेक्शन एजेंट मसूद के साथ खड़ा अब्बास कभी अपने छोटे भाई उमर से बात करते दिखा तो कभी मसूद से। इस दौरान वह कई बार उमर से बातचीत करते समय उसका हाथ पकड़कर बातचीत करते दिखा।
वहीं उमर भी अपने भाई को कई बार बात करते हुए उसका हाथ पकड़कर हौसला बढ़ाते दिखा। इस बीच फैसले में देरी के दौरान भीषण गर्मी से परेशान उमर दो बार सीजेएम कोर्ट से बाहर निकलकर हाॅल में सिपाहियों के पास बैठा, लेकिन फिर कुछ मिनटों के बाद दोबारा अपने बड़े भाई के पास पहुंच गया।
जाते समय सभी का किया अभिवादन, आते समय मायूस दिखा
मऊ। सुनवाई को लेकर सुबह जब अब्बास अंसारी कोर्ट पहुंचा तो बकायदा अपने पहचानने वाले लोगों को नमस्कार कर उनका अभिवादन भी किया। इस दौरान बातचीत के दौरान कई बार उसके चेहरे पर कई बार हल्की मुस्कान भी दिखी। लेकिन दोपहर में जब सजा सुनाई गई, जहां जमानत मिलने के बाद वह मायूस और गंभीर मुद्रा में वापस अपनी गाड़ी में बैठकर बिना किसी जवाब के निकल गया।
सख्ती, चेकिंग के बाद कोर्ट में पहुंचे लोग
हाई प्रोफाइल मामले में फैसला होने के चलते कोर्ट खुलने से पहली पुलिस की एक टीम मुख्य गेट पर तैनात रही। जो कोर्ट में आने वाले लोगों की तलाशी के बाद ही वह अंदर जा सका। उधर हर बार की तरह अब्बास के कोर्ट में पहुंचने वाली भीड़ भी इस बार बेहद कम रही।
उधर इस मामले को लेकर लोग सोशल मीडिया से लेकर हर प्लेटफार्म पर इस मामले को लेकर अपडेट लेने की कोशिश करते रहे। लेकिन उधर इस मामले में सजा को लेकर सभी सभी अपने स्तर से आंकलन कर अंदाजा लगाते दिखे।