मऊ। यूपी बोर्ड की परीक्षा के दौरान बृहस्पतिवार को इंटरमीडिएट भौतिक शास्त्र का साल्व पेपर वाट्सएप पर वायरल करने के मामले में आरोपी शिक्षकों को बीएसए ओपी त्रिपाठी ने शुक्रवार की देर शाम निलंबित कर दिया। साथ ही इस मामले में कृष्णा इंटर कालेज के प्रबंधक तेजबहादुर यादव को सरायलखंसी थाने की पुलिस ने शुक्रवार की देर रात दबोचा। पकड़े गए तीनों आरोपियों का चालान कर पुलिस ने जेल रवाना करने के लिए कोर्ट में पेश किया। इस मामले में पुलिस फरार चल रहे प्रधानाचार्य गोपाल दूबे और प्रबंधक के साथ नामजद उनके भतीजे अजीत यादव की तलाश में छापेमारी कर रही हे।
बोर्ड परीक्षा के दौरान बीते बृहस्पतिवार को भौतिक शास्त्र का साल्व पेपर वाट्सएप पर वायरल हो गया था। इस मामले में प्राथमिक विद्यालय भटमिला पर तैनात शिक्षक ओकार यादव और भटौली पर तैनात प्रिंस जैसवारा को हिरासत में लिया गया। शाम को पेपर से साल्व पेपर का मिलान कराया गया। इस दौरान प्रश्न पत्र और साल्व पेपर में समानता मिलने पर दोनों शिक्षकों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस हिरासत में लिए गए दोनों शिक्षकों से एसपी अनुराग आर्य ने शुक्रवार की शाम पूछताछ किया। इस दौरान पता चला कि ओकार के वाट्सएप पर कृष्णा इंटर कालेज के प्रबंधक के भतीजे अजीत यादव ने साल्व पेपर को फार्वड किया था। इस आधार पर एसडीएम सदर ने कृष्णा इंटर कालेज पर छापेमारी कर वहां जांच किया। जांच के दौरान पता चला कि जिस स्थान पर पेपर रखने के लिए स्ट्रांगरुम बनाया गया था, वहां लगाया गया कैमरा पेपर वायरल होने के दौरान बंद था। प्रबंधक ने बताया कि कैमरा खुद से बंद हो गया था। जबकि परीक्षा के नियम के अनुसार सीसी टीवी कैमरा बंद नहीं होना चाहिए। मैसेज को कृष्णा इंटर कालेज के प्रबंधक तेजबहादुर यादव के भतीजे अजीत ने फार्वड किया था। इस आधार पर तेजबहादुर यादव को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। साथ ही अजीत को इस मामले में आरोपी बनाया गया है। पूर्व में गिरफ्तार ओंकार यादव, प्रिंस जैसवार और प्रबंधक तेजबहादुर यादव को गिरफ्तार कर पुलिस ने शनिवार की शाम जेल भेजने के लिए कोर्ट में पेश किया। अवकाश होने के कारण कोर्ट में बैठे रिमांड अधिकारी ने आरोपियों को जेल रवाना कर दिया। बताते चले आरोपियों का पुलिस ने 420, 406, 66 आईटी और नकल निवारण एक्ट की धारा में चालान किया है।