जून में कैबिनेट मंत्री की घोषणा के बाद तमसा नदी के हनुमान घाट पर पीपा पुल बनाने के लिए लोक निर्माण विभाग की ओर से टेंडर प्रक्रिया अंतिम चरण में है। यह कार्य 60.20 लाख की लागत से मार्च के बाद शुरू होगा।
इससे करीब बीस हजार की आबादी को प्रत्यक्ष जबकि 50 हजार से अधिक लोगों अप्रत्यक्ष रूप से इसका लाभ मिलेगा। प्रदेश के कैबिनेट मंत्री एके शर्मा ने नगर पालिका के कम्युनिटी सभागार में आयोजित एक कार्यक्रम में हनुमान घाट पर पुल बनाने की घोषणा की थी।
साथ ही जब तक पुल की योजना तैयार और इसके लिए बजट स्वीकृत होने तक आवाजाही के लिए पीपा पुल बनाने की बात कही थी। वर्तमान में तमसा नदी स्थित हनुमान घाट पर पुल न होने से दोनों तरफ के करीब 20 हजार की आबादी के लोग नाव से आवाजाही करते हैं।
पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन ने बताया कि पीपा पुल के लिए टेंडर प्रक्रिया में है। 31 मार्च के बाद काम शुरू होने की संभावना है।
नाव से स्कूली बच्चे नदी करते हैं पार
इस घाट पर पुल बनाने की मांग कई सालों से की जा रही थी। रोजाना पांच सौ से अधिक स्कूली बच्चे नाव से ही स्कूल आने जाने को विवश हैं। सबसे अधिक दिक्कत बाढ़ और बारिश के समय होती है। वर्तमान में पुल न होने से नगर के निषादनगर, चकशादी, बहिरबग्गा, कोल्हाण सहित अन्य मुहल्ले के करीब बीस हजार की आबादी बीते कई सालों से नगर में आवाजाही के लिए तमसा नदी को नाव से आते-जाते हैं। सड़क मार्ग से उन्हें आने के लिए करीब पांच किमी अतिरिक्त की दूरी तय करनी पड़ती है।