गाजीपुर में मशीन बेचने की जुगत में थे आरोपी, मुखबिर की सूचना पर मतलुपूरा ओवरब्रिज के पास से पुलिस ने धरदबोचा
संवाद न्यूज एजेंसी
मऊ। दक्षिणटोला के हकीकतपुरा स्थित आजमी हॉस्पिटल से बृहस्पतिवार की रात को स्वास्थ्यकर्मी को बंधक चार डायलिसिस मशीन के लूट के मामले का पुलिस ने रविवार को खुलासा कर लिया। लूट का मास्टरमाइंड लखनऊ निवासी होमियोपैथी का चिकित्सक डॉ. अमरनाथ दीक्षित है। आर्थिक तंगी की वजह से उसने लूट की योजना बनाई थी।
पुलिस ने लूटकांड में शामिल लखनऊ के होमियोपैथी के डॉक्टर के साथ दो आरोपियों को गिरफ्तार किया, जबकि पांच वांछितों की पुलिस अब भी तलाश कर रही है। इस घटना से पहले आरोपियों के संपर्क में रहे एक आरोपी ने खराबी आने पर डायलिसिस मशीन की मरम्मत की थी, जिससे उन्हें अस्पताल के बारे में पूरी जानकारी हो गई थी। इन लोगों ने डायलिसिस मरीज बनकर आधी रात को लूट की वारदात को अंजाम दिया था।
एएसपी अनूप कुमार ने बताया कि मुखबिर से सूचना मिलने पर हकीकतपुरा के अस्पताल से मशीन चोरी के मामले में पुलिस को सूचना मिली कि दो लोग चोरी की डायलिलिस मशीन लेकर शनिवार देर रात 12 बजे मतलूपुरा ओवरब्रिज के पास से गाजीपुर निकलने वाले हैं। सूचना पर पहुंची पुलिस की दो टीमों ने घेराबंदी की, इस बीच एक पिकअप मुहम्मदाबाद गोहना से आकर गाजीपुर की तरफ सर्विस रोड पर जैसे ही पहुंची कुछ दूर पहले ही पुलिस टीम ने उन्हें रोका। इस बीच पुलिस को देखकर पिकअप चला रहे आरोपी ने सामने पुलिस को देखकर पीछे मोड़कर भागना चाहा जगह कम होने के कारण फंस गया। जब पुलिस ने तलाशी ली तो चार डायलिसिस मशीन मिलीं। वहीं पकड़े गए दोनों आरोपियों की पहचान डॉ. अमरनाथ दीक्षित निवासी 4/525 विभव खंड थाना गोमतीनगर कमिश्नरेट लखनऊ जबकि राजकुमार निवासी कठौता वास्तु खंड थाना गोमतीनगर जनपद के रूप में हुई। आरोपी अमरनाथ ने पुलिस को बताया कि वह लखनऊ में कई अस्पतालों का मैनेजमेंट देखता है। उसने लोन भी ले रखा था और काफी तंगी से जूझ रहा था। इसबीच उसको एक टेक्निशियन विशेष यादव ने बताया की मऊ के आजमी हॉस्पिटल में डायलिसिस मशीनें रखी हैं, उन्हें चुरा कर बेचा जा सकता है। इसके बाद उसने अपने साथी सुमित गौतम, विशेष यादव, अंश, पंडित, बबुआ और अन्य के साथ योजना बनाकर बृहस्पतिवार की देर रात करीब डेढ़ बजे डायलिसिस मरीज बनकर पहुंचे और स्वास्थ्यकर्मी को बंधक बनाकर मशीनों को लेकर लखनऊ चले गये। यहां लखनऊ में पकड़े जाने के डर से डायलसिस मशीनों को पूर्वांचल में ही बेचने के लिए लखनऊ से लेकर गाजीपुर की तरफ जा रहे थे। एसपी ने इस मामले में एसपी डॉ. इलामारन जी ने गिरफ्तारी करने वाली टीम को 15 हजार रुपये का इनाम देकर सम्मानित किया।
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50 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे के फुटेज की जांच के बाद मिला सुराग
एसपी डॉ. इलामारन जी ने बताया कि डायलिसिस मशीन की लूट मामले में शुरू से ही पुलिस इसमें किसी स्वास्थ्यकर्मी के शामिल होने की आशंका मानकर जांच कर रही थी। पुलिस ने अस्पताल के सीसीटीवी कैमरे के फुटेज की जांच की, इसके अलावा मऊ-आजमगढ़ मार्ग पर लगे सीसीटीवी कैमरों के अलावा 50 सीसीटीवी कैमरों के फुटेज की जांच की। इसके बाद पुलिस को मामले में अहम सुराग मिला था। सीसीटीवी कैमरे के फुटेज से पुलिस ने एक सप्ताह में यह दूसरा बड़े मामले का खुलासा करने में सफल रही। इससे पहले शनिवार को पुलिस ने कोपागंज थाना क्षेत्र के फोरलेन स्थित टड़ियांव गोदाम के पास सराफा कारोबारी से लूट मामले का खुलासा किया था। आरोपियों तक पहुंचने में सीसी फुटेज की भूमिका मुख्य रही।
दक्षिणटोला थाना क्षेत्र स्थित एक अस्पताल से चोरी हुई डायलिसिस मशीन के साथ पकड़े गए दो अभियुक