जिले के परिषदीय विद्यालयों में शैक्षिक माहौल को बेहतर बनाने के लिए लोवर ग्रेड पाने वाले परिषदीय विद्यालयों को विशेष अकादमिक सहयोग प्रदान किया जाएगा। शासन की ओर से कराई गई ग्रेडिंग में 191 परिषदीय विद्यालयों को लोवर ग्रेड मिली है। डायट की ओर से नामित शिक्षक लोवर ग्रेड चिह्नित विद्यालयों में जाकर प्रधानाध्यापक के सहयोग से उन कारणों की पहचान करेंगे, जिससे विद्यालय को लोवर ग्रेड मिला है।
विभाग की ओर से कार्ययोजना बनाने की कवायद शुरू कर दी गई है। जिले मेें 1060 प्राथमिक तथा 442 उच्च प्राथमिक विद्यालय हैं। अधिकांश परिषदीय विद्यालयों में शैक्षिक गुणवत्ता दयनीय होने से अभिभावकों का मोहभंग होने लगा है। सरकारी विद्यालयों में शैक्षिक माहौल को बेहतर बनाए जाने के लिए मांग भी उठने लगी थी। अभिभावकों की मांग पर शासन ने शैक्षिक माहौल को बेहतर बनाने के लिए 186 सदस्यीय टीम से परिषदीय विद्यालयों की ग्रेडिंग कराई थी।
टीम ने 63 परिषदीय प्राथमिक विद्यालय तथा 32 उच्च प्राथमिक सहित 95 परिषदीय विद्यालयों को ए ग्रेड दिया है। जबकि 404 परिषदीय प्राथमिक तथा 156 उच्च प्राथमिक सहित 560 परिषदीय विद्यालयों को बी ग्रेड मिला है। इसी क्रम में 471 परिषदीय प्राथमिक तथा 185 उच्च प्राथमिक सहित 656 परिषदीय विद्यालयों को सी ग्रेड दिया गया है। इसी तरह 122 परिषदीय प्राथमिक तथा 69 उच्च प्राथमिक सहित 191 परिषदीय विद्यालयों को डी ग्रेड दिया गया है।
विभाग की ओर से लोवर ग्रेड मिले विद्यालयवार विकास योजना का निर्माण किया जाएगा। कार्ययोजना के मुताबिक बी ग्रेड को ए में, सी ग्रेड को बी ग्रेड में तथा डी ग्रेड को सी ग्रेड में लाने के लिए विशेषज्ञ कड़ी मशक्कत करेंगे। इस बाबत नोडल अधिकारी तथा जिला समन्वयक प्रशिक्षण गजेंद्र सिंह का कहना है कि लोवर ग्रेडिंग मिले 191 परिषदीय विद्यालयों को विशेष अकादमिक सहयोग प्रदान किया जाएगा।