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आर वैल्यू में बदलाव की देंन है कोरोना संक्रमण में आया उछाल: डा. सूर्यकांत

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मऊ। प्रदेश में कोरोना संक्रमण अचानक बढ़े के साथ ही 24 घंटे के बुधवार को संक्रमित होने वालों का आंकड़ा बीस हजार पार कर गया। चिकित्सक इसका प्रमुख कारण वायरस की प्रजनन क्षमता (रिप्रोडक्टिव वैल्यू या आर वैल्यू) में हुई वृद्धि को बता रहे हैं । इस संबंध में चेन्नई गणितीय विज्ञान संस्थान के एक अध्ययन के हवाले से किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के रेस्परेटरी मेडिसिन विभाग के अध्यक्ष और इंडियन मेडिकल एसोसिएशन-एमएस के वाइस चेयरमैन डॉ. सूर्यकांत ने खुलासा किया है । उन्होंने बताया कि अध्ययन के मुताबिक वायरस की प्रजनन क्षमता राष्ट्रीय स्तर पर जहां 1.32 है।
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राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन-उत्तर प्रदेश के कोविड टीकाकरण के ब्रांड एंबेसडर डॉ. सूर्यकांत का कहना है कि चेन्नई में गणितीय विज्ञान संस्थान के अध्ययन के अनुसार आर वैल्यू का राष्ट्रीय औसत या प्रजनन संख्या (कोविड-19 संचरण के मापदंडों में से एक) 1.32 है, जो दर्शाता है कि एक संक्रमित व्यक्ति एक से अधिक लेकिन दो से कम लोगों में वायरस फैलाता है । अध्ययन में सामने आया कि वैल्यू प्रजनन संख्या दर्शा रहा है कि उत्तर प्रदेश, झारखंड और बिहार में महामारी तेजी से बढ़ रही है । पिछले दो हफ़्तों के दैनिक नए मामलों पर नजर रखने के बाद उत्तर प्रदेश के लिए प्रभावी प्रजनन संख्या का अनुमान 2.14, झारखंड का 2.13 और बिहार का 2.09 आंकलित किया गया है ।
इससे स्पष्ट है कि एक संक्रमित व्यक्ति इन राज्यों में दो से अधिक लोगों को संक्रमित करने की क्षमता रख रहा। अध्ययन के अनुसार यह बीते सितंबर माह से एक के नीचे पहुंच गया था । बताया कि कोरोना के मामलों में आई कमी के चलते लोगों ने लापरवाही बरतनी शुरू की, इसका परिणाम हुआ कि कोरोना को पांव फैलाने का मौका मिल गया। हमें भी सतर्कता बरतनी चाहिए। कोरोना गाइड लाइन का गंभीरता से पालन करना चाहिए।
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क्या है आर वैल्यू?
मऊ। आर वैल्यू कोरोना वायरस या किसी अन्य बीमारी के फैलने की क्षमता को दर्शाता है। यह उन लोगों की संख्या है जो कि वायरस से औसतन संक्रमित हो चुके हैं। जिस समय लोग संक्रमण की चपेट में आते हैं, तत्काल उनका पता नहीं लगाया जा सकता है। इसके लिए वैज्ञानिक परोक्ष रूप से काम करते हैं। आंकड़ा में वायरस से मरने वालों की संख्या, अस्पताल में भर्ती होने वालों की संख्या व संक्रमण की जद में आने वालों की तादाद और वायरस के लिए सकारात्मक परीक्षण शामिल होता है। यदि आर का मान एक से अधिक है तो प्रभावित लोगों की संख्या बढ़ती रहती है और आर की वैल्यू एक से कम है तो बीमारी अंतत: फैलना बंद कर देगी यानि संक्रमित लोगों की संख्या घट जाएगी ।
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