मऊ/कोपागंज। जिले के ग्रामीण इलाकों में चिटफंड स्कीम में अधिक ब्याज का लालच देकर भोलेभाले लोगों को ठगने का सिलसिला जारी है। कोपागंज के वाजिदपुर निवासी अब्दुल सलाम से ग्लोरियस फैमिली फंड की स्कीम के जरिये ढाई लाख की ठगी की गई। पुलिस ने पिता पुत्र के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। जिले में 18 दिनों में चिटफंड स्कीम के जरिये ठगी का यह दूसरा मामला सामने आया है। मुहम्मदाबाद गोहना कोतवाली पुलिस ने 80 लाख की ठगी के मामले में छह सितंबर को संचालक समेत तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था।
कोपागंज के वाजिदपुरा निवासी अब्दुल सलाम ने बताया कि 2019 में मोहल्ला काछीकला निवासी शाहनवाज अंसारी और उसके पिता मुमताज ने बताया कि उन्होंने ग्लोरियस फैमिली फंड नाम से बैंक ऑफ इंडिया से मान्यता प्राप्त एक वित्तीय योजना शुरू की है। योजना के तहत पांच वर्ष तक पैसे जमा करने पर जमा धनराशि पर नौ प्रतिशत ब्याज देने का वादा किया। भरोसा कर उन्होंने 1 जनवरी 2020 से खाता खोलकर नियमित किस्तें भरनी शुरू कर दीं। तीन वर्षों में अब्दुल सलाम ने विभिन्न तिथियों में 2,63,550 जमा किए। आरोप लगाया कि मार्च 2023 में जब वे अगली किस्त जमा करने पहुंचे तो कार्यालय बंद मिला। पूछने पर आरोपियों ने बताया कि खाते का ऑडिट कराने आए हैं। बाद में फरार हो गए। जब सलाम उनके घर पर पूछताछ करने पहुंचे घर की महिलाएं और लड़कियों ने उन्हें धमकी दी कि भाग जाओ, वरना फर्जी मुकदमे में फंसा देंगे। इस मामले में सीओ घोसी जितेंद्र सिंह ने बताया कि मामला संज्ञान में है, पुलिस मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच कर रही है। इस मामले में और पीड़ित सामने आ सकते हैं।
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18 दिन पहले सात सितंबर को 80 लाख की धोखाधड़ी में केस दर्ज
चिरैयाकोट थाना क्षेत्र के चक सहजा निवासी चंदन भारती ने मुहम्मदाबाद गोहना कस्बा में गजानन सक्सेन लिमिटेड नाम से संचालित चिट फंड सकीम के संचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। पीड़ित ने अपनी तहरीर में बताया कि वह खुद बैंक में ब्रांच मैनेजर था। उसने संस्था को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से अमन चौहान, तिलोकी, संजय, रोमिल सहित अन्य एजेंटों को जॉइन कराया। इसके बाद मुहम्मदाबाद गोहना तहसील के 20 गांव के करीब 110 ग्रामीणों से आरडी, डेली, मंथली फिक्स डिपोजिट के नाम पर 80 लाख से ज्यादा की राशि जमा की। आरोप लगाया कि मार्च 2025 में उसे चिटफंड स्कीम की कंपनी के निदेशक अशोक श्रीवास्तव ने तकनीकी समस्या के चलते बैंक कार्यालय को कुछ दिन के लिए बंद करने की बात कही। इसके बाद कार्यालय बंद कर दिया, लेकिन कई दिन तक डायरेक्टर की ओर से कोई सूचना न मिलने पर जब वह लखनऊ पहुंचे तो हेड ऑफिस भी बंद मिला। काफी प्रयास के बाद किसी का सुराग न मिलने पर उसने खुद संचालक अशोक, पत्नी नूतन, बेटी अर्पिता, बेटा आदित्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया।
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चार गुना मुनाफे के नाम भोले भाले लोगों से ठगी
चिटफंड स्कीम चलाने वाली कंपनी के कार्यालय अधिकांश ग्रामीण क्षेत्र और कस्बों में खुलते हैं, इनकी कभी प्रशासन की ओर से कोई जांच तक नहीं की जाती है। चिटफंड कंपनी के कर्मचारी रसीद देकर भोले भाले ग्रामीणों से रुपया जमा कराते हैं। गांव के लोगों को 10 साल में चार गुना राशि और मोटा ब्याज देने का वादा कर लालच दिया जाता है। मुहम्मदाबाद गोहना कस्बा में 2022 से चिटफंड कंपनी चल रही थी, इसी तरह से कोपागंज के वाजिदपुरा में भी चिटफंड बैंक काफी सालों से चल रही थी। लेकिन ठग संचालकों की जानकारी प्रशासन को उस समय हो रही है जब पीड़ित अपने साथ हुई ठगी के मामलों में मुकदमा दर्ज करा रहे हैं।