जनपद में टीबी मरीज खोज अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग द्वारा संदिग्धों की पहचान की जाएगी। विभाग की तरफ से कुल सौ दिवसीय अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम रोग से संबंधित बचाव और उपाय के प्रति भी लोगों को जागरूक करेगी।
अभियान के लिए जिला और ब्लॉक स्तर पर टीम का गठन किया है। स्क्रीनिंग के दौरान संदिग्ध पाए जाने पर सीएचओ द्वारा मरीज की पूरा विवरण पोर्टल पर दर्ज किया जाएगा।
जनपद को टीबी रोग से मक्त करने के लिए स्वास्थ्य विभाग की कुल 150 टीम काम कर रही है। एक टीम में विभाग के कुल छह लोगों को शामिल किया गया है। इसमें सीएचओ के साथ आशा, आगंनबाड़ी सहित तीन अन्य कर्मी को शामिल किया गया है।
टीम प्रतिदिन अपने क्षेत्र में जाकर टीबी रोग के लक्षण वाले मरीजों की जांच करेगी। कम्यूनिटी हेल्थ सेेंटर को ही आन सेंटर का नाम दिया गया है, जहां मरीज का पूरा डाटा आनलाइन रखा जाएगा।
स्क्रीनिंग के बाद जांच में टीबी रोग की पुष्टि होते है, मरीज को सभी प्रकार की दवा नि:शुल्क दी जाएगी। जनवरी से शुरु होकर मार्च तक चलने वाले इस अभियान को टीबी रोग से मुक्ति के लिए बेहद अहम बताया जा रहा है।
विभाग का कहना है सुदूर क्षेत्र के साथ स्लम एरिया और ईंट भठ्ठों पर करने वाले की जांच करने पर जोर रहेगा। साथ ही ऐसे स्थान जहां पर पहले टीबी के मरीज पाए गए थे, वहां पर भी जांच की जाएगी। जिले स्तर की टीम द्वारा प्रतिदिन होने वाले को देखेगी।
जनपद में सौ दिवसीय अभियान के तहत जांच के लिए विभाग की 150 टीम काम कर रही है, हर टीम में छह लोग शामिल है। कही पर भी मरीज की पुष्टि होेने पर पोर्टल पर पूरा विवरण दर्ज करने के तुरंत बाद उपचार शुरु कर दिया जाएगा। मरीज का जिले की टीम और सीएचओ द्वारा नियमित अंतराल पर फॉलोअप भी लिया जाएगा।
- डॉ. हंसराज सोनी, जिला क्षय रोग अधिकारी