जिले में बीते जनवरी में सड़क हादसों में बीते जनवरी के तुलना में 27 फीसदी कमी आई है। वहीं मौत का आंकड़ा 45 फीसदी तक कम हुआ है। बीते पांच साल में यह पहली बार हुआ है कि साल के पहले महीने में सड़क हादसों में इस स्तर का ग्राफ कम हुआ है।
जिलाधिकारी प्रवीण मिश्रा ने बताया कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के साथ ही उनमें होने वाली मौतों में कमी लाने के लिए तीन माह से विशेष प्रयास किये जा रहे हैं। बताया कि बीते जनवरी माह के 31 दिन में 25 सड़क हादसे हुए जबकि मौत का ग्राफ 11 तक रहा।
वहीं जनवरी 2025 में सड़क हादसो का ग्राफ 34 तो मौत का आंकड़ा 20 था। यानी बीते जनवरी के तुलना में सड़क हादसों में 27 जबकि मौत के आंकड़े में 45 फीसदी कमी आई है।
डीएम ने बताया कि बीते नवंबर माह में ही जिलाधिकारी द्वारा सेव लाइफ फाउंडेशन द्वारा जनपद के समस्त दुर्घटनाग्रस्त स्थलों का सर्वे कराकर उन पर आवश्यक कार्रवाई के लिए सुझाव लिए गए थे।
जिसके बाद प्रशासन द्वारा एक ज्वाइंट टीम जिसमें सभी 11 निकाय के ईओ, पीडब्लूडी, एनएचआई, पुलिस प्रशासन के बारह थाना प्रभारी के साथ यातायात पुलिस को इसमें शामिल कर वाहनों पर रिफ्लेक्टिंग टैपिंग लगाने, प्रवर्तन कार्यों में तेजी लाने, महत्वपूर्ण ब्लैक स्पॉट पर साइनेज बोर्ड, रंबल स्ट्रिप, पीली पट्टी, महत्वपूर्ण मार्गों पर अवैध कट बंद करने का कार्य किया गया।
इस दौरान सड़क के बीचोबीच लगे 50 से अधिक विज्ञापन बोर्ड जो विजिबिलिटी को कम करते थे उन्हें हटाए जाने के साथ रोड मार्किंग, सड़क किनारे झाड़ियों की सफाई भी की गई।
डीएम ने बताया कि इस दौरान मुख्य मार्गों के अवैध कट बंद करने पर कुछ लोगों द्वारा निर्माण कार्य तोड़ने का मामला संज्ञान में है, जिसको लेकर पुलिस द्वारा ऐसे लोगों को चिह्नित कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाने की तैयारी है।
हेलमेट न लगाने पर 4416 का चालान
पुलिस अधीक्षक इलामारन जी ने बताया कि सड़क हादसों को रोकने के लिए बारह थानों पर टीम बनाने के साथ यातायात पुलिस के जवान सक्रिय रहे। जनवरी 2025 में 31 दिन में 2082 चालान किया गया था। जिसमें 786 चालान हेलमेट के थे, लेकिन इस बार जनवरी माह में 31 दिन में 10322 चालान किया गया। जिसमें हेलमेट न पहनने पर ही 4416 जबकि सड़क किनारे अवैध पार्किग पर 2193 तो तीन सवारी पर 875 वाहनों का चालान किया गया।