मऊ। अखिल भारतीय मध्याह्न भोजन रसोइया महासंघ के तत्वावधान में रसाइयों ने विभिन्न मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट पर धरना-प्रदर्शन किया। साथ ही जमकर नारेबाजी की। इसके बाद राज्यपाल को संबोधित पांच सूत्री ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा।
धरने में जिलाध्यक्ष ऊषा देवी ने कहा कि प्रदेेश सरकार मध्याह्न भोजन योजना को स्वयंसेवी संस्थाओं को सौंपने की योजना बना रही है। कई जनपद में इस योजना को स्वयंसेवी संस्थाओं को सौंप भी दिया गया है। जबकि इस योजना में प्रदेेश के लगभग चार लाख 18 हजार गरीब रसोइया कार्यरत हैं। मानदेय से ही बच्चों का पालन पोषण करते हैं। ऐसे में प्रदेश में कार्यरत रसोइयों को स्वयंसेवी संस्थाओं से सुरक्षित रखा जाए। इन्हीं रसोइयों से ही एमडीएम बनवाने का कार्य लिया जाए। संगीता देवी ने कहा कि योजना में रसोइया पद पर हर वर्ष नियुक्ति करने से कार्यरत रसोइयों को निकाले जाने का भय बना रहता है। कार्यरत रसोइयों का नवीनीकरण करने के लिए प्रदेश से संबंधित अधिकारी से लिखित आदेश भेजवाया जाए। सुरेंद्र नाथ गौतम ने कहा कि मंडल के सभी जनपदों में कार्यरत रसोइयों को डीएम के अनुमोदन के उपरांत ही उनको हटाने का प्रावधान किया गया है, लेकिन प्रधान तथा प्रधानाध्यापक मनमानी कर रहे हैं। जनपद के सभी प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालय के सभी प्रधानाध्यापकों को यह लिखित आदेश विभाग के संबंधित अधिकारी से भेजवाया जाए कि किसी रसोइए की शिकायत मिलती है तो उसे जिलाधिकारी के अनुमोदन के बिना न हटाया जाए। अंत में राज्यपाल को संबोधित पांच सूत्री ज्ञापन डीएम को सौंपा। धरने को रणजीत कुमार, ओमप्रकाश, बुद्धदेव, ममता यादव, सुमन गोंड़, ओमप्रकाश व पुष्पा गोंड आदि ने संबोधित किया।