जिला अस्पताल में बुखार से पीड़ित मरीजों के लक्षणों के आधार पर प्रतिदिन जांच की जा रही है और नए मरीज सामने आ रहे हैं। चिकित्सक इलाज के साथ सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं।
जिला अस्पताल में बुधवार को 988 मरीज पहुंचे। इनमें से बुखार पीड़ित 205 मरीजों में से 32 मरीजों में टाइफाइड के लक्षण पाए गए। इसके बाद चिकित्सकों ने खून की जांच कराई।
जिला अस्पताल में पिछले तीन दिन से लगातार टाइफाइड के मरीज सामने आ रहे हैं। तीन दिन में तीन मरीजों में बीमारी की पुष्टि हो चुकी है। चिकित्सकों का कहना है कि प्रारंभिक अवस्था में मरीजों को हल्का बुखार और थकान महसूस होती है, लेकिन यदि समय पर इलाज न किया जाए तो गंभीर स्थिति भी बन सकती है।
बच्चों और बुजुर्गों में यह रोग अधिक खतरनाक साबित हो सकता है। टाइफाइड में आंत सबसे अधिक प्रभावित होती है। टाइफाइड बुखार में पाचन तंत्र प्रभावित हो जाता है, लेकिन समय के साथ-साथ शरीर के कई अन्य अंग भी प्रभावित होने लगते हैं।
वहीं, जिले के कोपागंज, मुहम्मदाबाद गोहना, घोसी, रतनपुरा सहित अन्य दस सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में बुधवार को एक हजार से अधिक मरीज आए। मरीजों ने सर्दी, जुकाम, खांसी व वायरल की समस्या बताई।
सीएमएस डॉ. धनंजय कुमार ने बताया कि मौसम के बदलाव से लोग बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। इस मौसम में सावधानी आवश्यक है। लापरवाही से सेहत प्रभावित हो सकती है।
टाइफाइड के लक्षण और सावधानी
जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि टाइफाइड के लक्षणों में तेज बुखार, भूख में कमी, सिरदर्द, दस्त, गले में खराश, चकत्ते, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द, सूखी खांसी होना है। इससे बचने के लिए हाथों को साफ करके भोजन करें। दूषित पानी व भोजन न करें। कच्ची सब्जियां न खाएं, साथ ही कच्चा दूध न पीएं। बाजार में आने वाले फलों को अच्छी तरह से धोकर खाएं, वहीं बाजार के खुले खाद्य पदार्थों का सेवन करने से परहेज करें।