फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मुआवजे की रकम न मिलने पर ग्रामीणों ने प्रशासन के विरूद्घ किया प्रदर्शन

विज्ञापन
विज्ञापन
भूमि अधिग्रहण के बाद भी मुआवजें की रकम खाते में न आने से नाराज कोपागंज ब्लाक के रेवड़ीडीह और सहरोज गांव के ग्रामीणों ने शुक्रवार की शाम को प्रदर्शन किया। इस दौरान काम करने के लिए लगाई गई मशीनों को ग्रामीणों ने वापस कर दिया।
विज्ञापन

गोरखपुर-वाराणसी राष्ट्रीय राज्य मार्ग 29 पर फोरलेन सड़क का निर्माण हो रहा है। इस दौरान ग्राम पंचायत रेवरीडीह और सहरोज गांव के किसानों की जमींने अधिग्रहित की गई हैं। किसानों ने गत चार दिन पूर्व मुवावजे की मांग को लेकर प्रशासन को अल्टीमेटम दिया था, कि यदि उन्हे मुआवजे की रकम नहीं मिली तो वो निर्माण कार्य ठप कर देंगे। रकम खाते में आनी थी। तयशुदा समय के बाद भी मुआवजे की रकम खाते में नहीं आई। इससे नाराज किसानों ने शुक्रवार की शाम को मिटटी भराई व अन्य कार्यो के लिए लगाई गई मशीनों को खेतों से बाहर कर दिया। साथ ही शासन और प्रशासन के विरूद्घ जमकर नारे बाजी के साथ प्रदर्शन किया। प्रदर्शन करने वाले किसानों का कहना था की फोरलेन के लिए दूसरे अवार्ड में कुल 846 एयर भूमि अधिग्रहित की गई है। जिसकी कीमत लगभग 19 करोड़ रुपये है। जिसका मुआवजा अब तक नहीं दिया गया। बिना मुआवजा दिए ही फोरलेन का काम एनएचआई और जेपी ग्रुप ने शुरू कर दिया। जबकि किसानों ने बीते 31 अक्तूबर को कार्य बंद कराते हुए मुआवजा की मांग को लेकर चेतावनी दिया था। बाबजूद इसके शासन प्रशासन व विभागीय अधिकारियो व कर्मचारियों द्वारा किसानो की बातो को अनसुना कर दिया गया। किसानों का आरोप है कि मुआवजा देने की बजाय प्रशासन हम किसानों को आजकल का आश्वासन दे रहा है। बताते चले वाराणसी से गोरखपुर के बीच बनाए जा रहे फोरलेन का काम इन दिनों सदर तहसील क्षेत्र के रेवरीडीह गांव से शुरू है। सड़क की एरिया में जेसीबी और भारी मशीनों से मिटटी भराई और उसे दबाने का कार्य चल रहा है। किसान जितेंद्र राय और गिरिजा तिवारी का कहना था, कि लगभग 13 मंडा जमीन का छह करोड़ से ऊपर मुआवजा बनता है, किसान नर्वदेश्वर राय, पद्मनाथ तिवारी, राजनाथ राय, किशुनदेव राय, वशिष्ठ राय, भागीरथी राय आदि किसानों की लगभग 846 एयर भूमि फोरलेन में अधिग्रहित की गई है। जिसकी कीमत लगभग सर्किल रेट से 19 करोड़ के करीब है। लेकिन प्रशासन इन किसानों को अभी तक मुआवजा नहीं दिया है। किसानों का कहना है कि जब तक मुआवजे की रकम खाते में नहीं आ जाती वो काम नहीं होने देंगे। किसानों ने चेतावनी दिया कि यदि एक सप्ताह के अंदर खातों में नहीं आई तो किसान अधिग्रहित भूमि पर अपने हल चलाने के लिए मजबूर होंगे। प्रदर्शन करने वालों में रीता पाल, उर्मिला, सोनिया, तेतरी, कुंती ,नवीन राय, संजीव राय, अजीत, तेज प्रकाश, देवेंद्र राय, उमाकांत तिवारी, विनीत कुमार, ओम प्रकाश, चंदन राय आदि लोग शामिल रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें