नवंबर माह को यातायात माह के रुप में मनाया जाता है, इस दौरान लोगों को यातायात नियमों से जागरूक करने के साथ वाहनों के जरिए सड़कों पर फैली अव्यवस्था को दूर करने की भी कवायद यातायात पुलिस के द्वारा की जाती है। लेकिन तीन दिनों के भीतर यातायात विभाग ने कार्रवाई तो किया लेकिन उसके बाद भी अव्यवस्था सड़कों पर दिखती है।
यातायात माह में पुलिस ने बहुत कार्रवाईयां की, लेकिन एक भी ओवर लोड वाहनों का चालान या सीज करने की जहमत नहीं उठाई। जबकि ओवर लोड पर शासन भी सख्त है। पुलिस विभाग की कार्रवाईयों के आंकड़ों से यह साबित हो रहा है कि विभाग इस माह में कार्रवाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति कर रहा है। पुलिस आंकड़ें के अनुसार यातायात माह में तीन दिनों के अंदर विभाग ने छह वाहन सीज किए, ये वो नहीं जो नियम विरुद्घ सड़क पर दौड़ लगा रहें थे, बल्कि सीज किए गए वाहनों के स्वामी के पास गाड़ी के कागजात नहीं थे। इसमें अधिकांश दो पहिया वाहन है। इसीक्रम में साम हजार रुपये का जुर्माना वसूला गया।
ये जुर्माना हेलमेट, सीट बेल्ट के साथ दो पहिया वाहन पर तीन सवारी पर काटे गए है। पुलिस की मांने तो 28 वाहनों का चालान किया गया है, लेकिन इसमें भी एक भी वाहन ओवर लोड का नहीं है।
पूछे जाने पर यातायात प्रभारी एमपी सिंह ने बताया कि कामर्शियल वाहन का चालान आरटीओ विभाग को करने की जिम्मेदारी है। बताते चले सड़कों पर सैकड़ों ऐसे वाहन दौड़ रहें है, जो पास तो प्राइवेट में हैं, लेकिन बकायदे सवारियों को ढोने का काम कर रहें हैं। चालान किए गए वाहनों में पुलिस को इस तरह का कोई वाहन नहीं मिला। यातायात विभाग की मांनें ऐसे वाहन मिलेगें तो जरूर चालान किया जाएगा। बताते चले यातायात माह मेेें ओवरलोड वाहन पुलिस की आंखों के सामने से गुजर रहें है।
लेकिन विभाग के लोग सबकुछ देखकर मौन साधे है। तीन दिनों में विभाग ने स्कूलों में जाकर शिविर लगाकर लोगों को जागरूक करने का कार्य जरूर किया है। दूसरा काय जो दिख रहा पुलिस जिप्सी पर ध्वनिविस्तारक यंत्र लगाकर सभी को जागरूक करने के लिए नियम बताए जा रहें है।
शहर से बाहर पिपरीडीह, दुबारी, मधुबन, मझवारा, घोसी, मुहम्मदाबाद, रानीपुर, चिरैयाकोट आदि स्थानों पर यातायात विभाग की ढीली लगाम के कारण ओवरलोड वाहन चालक बेपरवाह होकर चल रहें हैं। सड़कों पर हालात ऐसे हो चुके है कि छोटे वाहनों को तो बड़ी मुश्किल से साइड देकर निकलना पड़ता है। अन्यथा दुर्घटना तो कभी भी हो सकती है। लेकिन इसके बावजूद भी कोई कार्यवाही नही हो रही। वाहन मालिकों के हौसले बुलंद है।
यातायात माह में यातायात पुलिस सहित जिले की पुलिस केवल वाहनों का चालान कर राजस्व वसूलकर अपनी पीठ थपथपाती है। लेकिन कुछ और नही करती है। यातायात प्रभारी एमपी सिंह ने बताया कि उन्होंने स्वंय तीन दिनों में 28 वाहनों का चालान किया। जिसमें ओवरलोड, नाबालिग बच्चों द्वारा चलाए गए वाहन, बिना सीट बेल्ट, तीन सवारी शामिल है। वहीं इनसे सात हजार का जुर्माना भी वसूला है।अभियान पूरे माह गंभीरता से चलाया जाएगा।