सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में जिला जज अनिरुद्घ सिंह की अध्यक्षता में शनिवार को दीवानी कचहरी सहित जिले के विभिन्न न्यायालयों व कार्यालयों में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। इसमें विभिन्न प्रकृति के आठ हजार 966 वाद का निस्तारण किया गया।
यह जानकारी देते हुए लोक अदालत के नोडल अधिकारी डा. दीपक स्वरूप सक्सेना व प्राधिकरण के सचिव व सिविल जज सीनियर डिवीजन प्रमोद कुमार सिंह ने बताया कि जिला जज अनिरुद्घ सिंह ने दस मामलों का निस्तारण किया। जिसमें चार वाहन दुर्घटना के मामलों का निस्तारण किया गया।
एडीजे डा. अजय कुमार ने पांच वाहन दुर्घटना के मामलों का निस्तारण किया। वहीं तीन प्रकीर्ण वाद का निस्तारण किया। एडीजे कोर्ट नंबर एक नीरज निगम ने कुल 15 वाद का निस्तारण किया। एडीजे कोर्ट नंबर दो डा. दीपक स्वरूप सक्सेना ने सात मामलों का निस्तारण किया।
एडीजे फास्ट ट्रैक कोर्ट धमेंद्र कुमार पांडेय ने वाहन दुर्घटना के एक मामले का निस्तारण करते हुए 60 हजार रुपया प्रतिकर दिलाया। परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश लालमणि प्रसाद ने 307 पारिवारिक मामलों का निस्तारण किया। सीजेएम अली रजा 1901 वाद का निस्तारण किया।
सिविल जज सीनियर डिवीजन प्रमोद कुमार सिंह ने 53 मामलों का निस्तारण किया। जेएम अचल प्रताप सिंह ने 262 वाद का निस्तारण किया। सिविल जज जूूनियर डिवीजन सदर प्रवींद्र कुमार ने 52 मामलों का निस्तारण किया।
मुंसिफ मुहम्मदाबादगोहना जयहिंद कुमार सिंह ने नौ वाद का निस्तारण किया। कलेक्टर ने 42 वाद का, एडीएम ने 40, नगर मजिस्ट्रेट ने 125, एसडीएम सदर ने 461, घोसी एसडीएम ने 175, मधुबन एसडीएम ने 137, मुहम्मदाबादगोहना एसडीएम ने 94 सहित राजस्व के कुल 3360 तथा
किशोर न्याय बोर्ड के पांच, उपभोक्ता फोरम के सात मामले, चकबंदी के 200, नगर पंचायतों के 446, एआटीओ के 205, आबकारी के 1650, मनरेगा के 16, मनोरंजन के 47, वन विभाग के 13, पुलिस विभाग के 297 लीड बैंक के 139, वाटमाप के चार, विद्युत के 17 मामलों का निस्तारण हुआ। वही बैंकों के प्रीलेटिगेशन के माध्यम से 524 मामले निस्तारित हुए। लोक अदालत संपन्न हो जाने पर प्राधिकरण के सचिव ने सबके प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया।