फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

882 मतदान केंद्रों पर डाले जाएंगे वोट

Fri, 06 Jan 2017 11:18 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/मऊ
विज्ञापन
कलेक्ट्रेट सभागार में निर्वाचन संबधीबैठक को संबोधित करते जिलाधिकारी निखिलचंद्र शुक्ला। साथ में मौजूद एसपी मुनिराज।
विज्ञापन
जिला प्रशासन शांतिपूर्ण चुनाव कराने में जुट गया है। जिला निर्वाचन अधिकारी निखिलचंद शुक्ला ने शुक्रवार को निर्वाचन संबंधित तैयारियों की जानकारी दी। बताया कि मतदाता पुनरीक्षण के बाद जिले मेें मतदाताओं की संख्या 1579375 हो गई है। इनमें 93975 नए मतदाता हैं और 43432 मतदाताओं के नाम विभिन्न कारणों से काटे गए हैं। चुनाव संपन्न कराने के लिए कुल 882 मतदान केंद्रों पर1580 बूथ बनाए गए हैं। जिले में  चार मार्च को मतदान होना है। इसकी सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई है।
विज्ञापन


जनपद में चुनाव की अधिसूचना 7 फरवरी को लागू होगी। नामांकन की अंतिम तिथि 14 फरवरी तक है।
जिले में विधानसभा क्षेत्रों की संख्या चार है। सदर विधानसभा, मुहम्मदाबाद गोहना विधानसभा, मधुबन विधानसभा एवं घोसी विधानसभा है। जनपद में चुनाव संपन्न कराने के लिए 9000 कर्मचारी लगेंगे। मतदान कार्मिकों की कुल संख्या 17000 है। इसके अलावा कुल जोनल मजिस्ट्रेटों की संख्या 11 एवं कुल सेक्टर मजिस्ट्रेटों की संख्या निर्धारित की गई है। इसके साथ ही कुल 500 माइक्रो आर्ब्जवर की तैनाती की जाएगी जो चुनाव की गतिविधियों पर नजर रखेंगे। बताया कि जनपद में शांतिपूर्ण ढंग से चुनाव संपन्न कराए जाने के लिए पुलिस सेल की स्थापना पहले ही की गई है। यह सेल अराजकतत्वों पर लगातार नजर बनाए हुए है। चुुनाव में 375 हल्के वाहन एवं 410 भारी वाहन लगाए जाएंगे।


जिला निर्वाचन अधिकारी/जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षके मुनिराज ने संयुक्त रूप से बताया कि आचार संहिता लागू होते ही जिले में सघन चेकिंग के लिए 27 बैरियर बनाए गए हैं। इसके अलावा एक कंपनी आरएफ भी पहुंच चुकी हैं। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि जिले में घटने वाली घटनाओं और गुड वर्क की प्रति दिन की रिपोर्ट आयोग को भेजी जा रही है। एसपी के अनुसार अब तक सात हजार लोगों को 107/16 में पाबंद किया जा चुका है।  चुनाव संपन्न कराने के लिए बैलेट यूनिट की आवश्यकता 1898 है जब कि उपलब्धता 2444 की है। कंट्रोल यूनिट की आवश्यकता 1898 है जब कि 2051 की उपलब्धता है। प्रत्याशियों के खर्च पर नजर रखने एवं उनका लेखा जोखा रखने के लिए विधानसभावार       चार व्यय लेखा परीक्षक बनाए गए हैं। व्यय लेखा प्रभारी मुख्य कोषाधिकारी होंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें