मऊ। शिक्षा सत्र के छह माह बीत जाने के बाद भी परिषदीय विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों की उपस्थिति शत प्रतिशत सुनिश्चित नहीं हो सकी है। जबकि शासन की तरफ से बच्चों के शत प्रतिशत ठहराव के लिए तमाम जन कल्याणकारी योजनाओं पर करोड़ों रुपये पानी की तरह बहाए जा रहे हैं। शासन स्तर पर वर्ष 2017-18 में मिड डे-मील योजना की समीक्षा मेें मऊ जिले के बच्चों की उपस्थिति काफी खराब पाई गई है। इसके बाद भी योजनाओं के क्रियान्वयन में खानापूर्ति कर रिपोर्ट भेज दी जा रही है।
जिले में 1060 प्राथमिक तथा 442 उच्च प्राथमिक विद्यालय हैं। शिक्षा सत्र का छह माह बीत जाने के बाद भी विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों की शत प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित नहीं की जा सकी है। बच्चों की शत प्रतिशत उपस्थिति के लिए शासन की तरफ से घर-घर जाकर अभिभावकों से संपर्क कर बच्चों को प्रतिदिन विद्यालय भेजने के लिए प्रेरित करने की जिम्मेदारी दी गई है। संबंधित खंड शिक्षा अधिकारियों सहित जिलास्तरीय अधिकारियों द्वारा विद्यालयों का निरीक्षण प्रतिमाह तो किया जाता है। लेकिन योजनाओं का बेहतर ढंग से क्रियान्वयन में खानापूर्ति कर ली जा रही है। सूत्रों की मानें तो शासन स्तर पर वर्ष 2017-18 में एमडीएम की हुई समीक्षा मेें मऊ जिले में बच्चों की उपस्थिति काफी खराब पाई गई है। बच्चों के शत प्रतिशत ठहराव के लिए एमडीएम, नि:शुल्क ड्रेस, नि:शुल्क पाठ्यपुस्तक सहित विभिन्न योजनाओं पर करोड़ों रुपये पानी की तरह बहाया जा रहा है। जिले में 1.38 लाख बच्चों का नामांकन किया गया है। गुरुवार को परिषदीय विद्यालयों मेें बच्चों की उपस्थिति 62 से 70 प्रतिशत तक रही। इस बाबत मंडलीय सहायक निदेशक बेसिक राजेश आर्य का कहना है कि परिषदीय विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों की शत प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया गया है। औचक निरीक्षण में गड़बड़ी मिलने पर संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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केस नंबर एक
कम मिल रही उपस्थिति
हलधरपुर। सर्व शिक्षा अभियान पर भारी भरकम धनराशि खर्च करने के बाद भी क्षेत्र के विभिन्न इलाकों के परिषदीय विद्यालयों में अध्ययनरत सभी नामांकित बच्चे विद्यालय नहीं आ पा रहे हैं। गुरुवार को प्राथमिक विद्यालय बिलौझा प्रथम पर 225 के सापेक्ष 170, प्राथमिक विद्यालय बिलौझा द्वितीय पर 421 के सापेक्ष 296 बच्चे उपस्थित मिले।
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केस नंबर दो
बच्चों का नहीं हो रहा शत प्रतिशत ठहराव
बढुआगोदाम/सिपाहइब्राहिमाबाद। परिषदीय विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों के शत प्रतिशत ठहराव के लिए योजनाओं का क्रियान्वयन धरातल पर नजर नहीं आ रहा है। प्राथमिक विद्यालय डुमरांव में 156 के सापेक्ष 80 बच्चे उपस्थित मिले। उच्च प्राथमिक विद्यालय डुमरांव में 125 के सापेक्ष 78 बच्चे उपस्थिति रहे। जबकि प्राथमिक विद्यालय इमिलियाडीह में 96 के सापेक्ष 76 बच्चे उपस्थित मिले। इसी क्रम में घोसी ब्लाक क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय सिपाहइब्राहिमाबाद में 96 के सापेक्ष 65 तथा धर्मपुर कसायर प्राथमिक विद्यालय में 103 के सापेक्ष 64 बच्चे उपस्थित मिले।