मऊ। मुख्य सचिव के निर्देश के क्रम में भूमि विवाद से संबंधित प्रकरणों के समाधान के लिए श्रावस्ती मॉडल के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विशेष अभियान जिले में एक बार फिर से बुधवार से शुुुुरू किया जाएगा। अभियान की सफलता के लिए मंगलवार की शाम को जिलाधिकारी प्रकाश बिंदु ने अधिकारियों और कर्मचारियों के संग बैठक किया। बैठक में श्रावस्ती मॉडल के क्रियान्वयन के लिए डीएम ने दिशा निर्देश दिया।
इसके तहत जिले के हर थाने के ऐसे दो ग्राम जहां संपूर्ण समाधान दिवस, आईजीआरएस पर जिन गांवों में भूमि विवाद से संबंधित शिकायतों की संख्या ज्यादा है, उन गांवों का चयन प्राथमिकता के आधार पर उनका चयन किया जाए। डीएम ने कहा कि जिन गांवों में कुछ ऐसे विवाद पाए जाएं जो संलग्न सूची में अंकित न किए गए हो और उन्हें बाद में अथवा मौके पर चिह्नित किया गया हो, तो टीम द्वारा इन विवादों का भी संज्ञान लेकर सूची में जोड़ दिया जाए तथा उनका समाधान किया जाए। प्रत्येक थाने पर राजस्व एवं पुलिस विभाग के 10 सदस्यों की संयुक्त दोे टीमें गठित की जाए। इन टीमों में तहसीलदार/नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक, चकबंदी अधिकारी तथा कम से कम चार लेखपालों के साथ-साथ पुलिस विभाग से संबंधित थाने के एक प्रभारी अथवा उपनिरीक्षक एवं कम से कम चार सिपाहियों को शामिल किया जाए।
इन गांवों में जाएंगी टीमें
ये टीमें चार जनवरी को तहसील सदर के अन्तर्गत थाना हलधरपुर के खालिसपुर, इटौरा, थाना सरायलखंसी थाने के इन्दरपुर, अहिलाद, कोपागंज थाने के काछी कला, लैरो दोनवार, सदर कोतवाली के परदहां, सहादतपुरा, मुहम्मदाबाद कोतवाली के अलाउद्दीन पट्टी, सिया बस्ती, थाना दक्षिण टोला के रैनी, बैराटपुर, तहसील मधुबन के अन्तर्गत थाना मधुबन के दुबारी, सूरजपुर, तहसील घोसी के अन्तर्गत थाना दोहरीघाट के सूरजपुर, भैंसा खरग, थाना घोसी के अमिला, तहसील मुहम्मदाबाद के अन्तर्गत थाना चिरैयाकोट के जसडा, असलपुर, थाना रानीपुर के पलिया, चैनपुर में टीमे जाकर भूमि विवादों का निस्तारण करेंगी।