मऊ। अब यूपी बोर्ड परीक्षा में भी आधार कार्ड अनिवार्य कर दिया गया है। इस वर्ष यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा में वही छात्र-छात्राएं शामिल हो सकेंगे जिनके पास आधार कार्ड होगा। कालेजों के प्रधानाचार्यों को यह सुनिश्चित करना होगा कि परीक्षा में बैठनेवाले सभी छात्रों के आधार कार्ड बने हैं। इस वर्ष 145 परीक्षा केंद्रों पर 120576 परीक्षार्थी शामिल होंगे।
जिले में 14 राजकीय 67 सहायता प्राप्त तथा 314 वित्तविहीन विद्यालय हैं। बोर्ड परीक्षा को नकलविहीन संपन्न कराने के लिए 145 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। वर्ष 2018 में हाईस्कूल में बालक 41086, बालिका 27617 सहित 41086 परीक्षार्थी बोर्ड परीक्षा देंगे। जबकि इंटरमीडिएट में बालक 27236, बालिका 22991 सहित 51592 परीक्षार्थी शामिल होंगे। बोर्ड परीक्षा मेें फर्जी परीक्षार्थियों पर नजर रखने के लिए शिक्षा विभाग ने आधार कार्ड अनिवार्य कर दिया है। नए नियम के तहत परीक्षार्थियों को इसके साथ परीक्षा केंद्रों पर पहुंचना होगा। प्रवेशपत्र के साथ आधार कार्ड न होने पर उन्हें परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं मिलेगी।
शासन की तरफ से पूर्व मेें राजकीय तथा सहायता प्राप्त कालेजों के बोर्ड परीक्षार्थियों के लिए आधार कार्ड अनिवार्य किया गया था। अब वित्तविहीन विद्यालयों के छात्र छात्राओं के लिए भी आधार कार्ड की अनिवार्यता लागू कर दिया है। अधिकारियों की मानें तो राजकीय और सहायता प्राप्त विद्यालयों के बोर्ड परीक्षार्थियों का आधार कार्ड लगभग बन गया है। जबकि वित्तविहीन विद्यालयों के लिए आधार कार्ड बनवाने की समय सीमा जनवरी माह के दूसरे हफ्ते तक दी गई है। उधर कई परीक्षार्थी तथा अभिभावक आधारकार्ड बनवाने को लेकर परेशान दिखे। इस बाबत जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. वीपी सिंह का कहना है कि राजकीय तथा सहायता प्राप्त स्कूलों मेें आधार कार्ड बनवाने की प्रक्रिया लगभग पूरी हो गई है। वित्तविहीन विद्यालयों को जनवरी के दूसरे हफ्ते तक का समय दिया गया है।