फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हाईवे पर पुन: स्थापित होने लगी है शराब की दूकानें

विज्ञापन
विज्ञापन
मऊ। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर जहां शराब की दूकानों को हटाने का क्रम अप्रैल माह में शुरू किया गया। कोर्ट के इस आदेश को अमली जामा पहनाने के दौरान जिला और पुलिस प्रशासन को भारी आंदोलन का सामना भी करना पड़ा। लेकिन समय बीतने के साथ ये सारी कवायदें ढाक के तीन पात के सरिखे हो चली है। क्योंकि हाइवे से हटाई गई दूकानें पुन: पुराने स्थान पर स्थापित होने लगी है। इसमें से कई दूकान तो सड़क पर गुमटी रखकर अतिक्रमण करके संचालित है।
विज्ञापन

मऊ जिले में शराब की कुल 268 लाइसेंसी दूकानें मौजूद हैं। इसमें 149 देशी शराब की, 57 दूकानें अंग्रेजी शराब की, 59 दूकाने वियर की तथा चार मॉडल शाप है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद जिले में एकबारगी दूकानों को विस्तापित कर दूसरे स्थानों पर स्थापित किए जाने लगा था। इस दौरान जो आंदोलन शुरू हुआ, उससे निबटने के लिए जिला और पुलिस प्रशासन को कई दिनों तक मशक्कत करना पड़ा था। आंदोलन के दौरान हुई हिंसा की पुलिस ने रिपोर्ट भी दर्ज की। लेकिन समय बीतने के साथ दूकानें पुन: पुराने स्थानों पर स्थापित होने लगी। इसमें एकबाध दूकान तो पटरी पर गुमटी रखकर संचालित हो रही है। नगर क्षेत्र के गाजीपुर तिराहे पर मौजूद अंग्रेेजी शराब की दूकान ऐसे स्थान पर स्थापित है। जिसके सामने से होकर जिले के आलाधिकारी प्रतिदिन कार्यालय जाते हैं। इसके अलावा बढ़ुआ गोदाम, भीटी, सहित अन्य सभी स्थानों पर पुरानी दूकान खुल गई है। बात करने पर जिला आबकारी अधिकारी आरके राम ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए दूकानों को हटाया गया था। पुन: सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर ही दूकानें पुराने स्थान पर खुल रही है। आबकारी अधिकारी आरके राम की मानें तो कोर्ट ने 11 जुलाई को आदेश किया कि नगर निकाय क्षेत्र में मौजूद दूकानों के अलावा हाईवे पर मौजूद दूकानों को हटाया। इस दौरान जब आबकारी अधिकारी से पूछा गया कि क्या निकाय क्षेत्र को छोड़कर भी आपके विभाग के दूकानों का आवंटन होता है तो वो चुप्पी साध लिए।
मऊ जिले के भौगोलिक बनावट पर एक नजर डाले तो 1727.9 वर्ग किमी में फैले इस जिले में एक नगर पालिका और नौ नगर पंचायतें हैं। जो पूरे जिले को कवर किए हुए हैं। मऊ से वाराणसी गोरखपुर जाने के दौरान करीब 40 किमी उत्तर दक्षिण दिशा की यात्रा जिले में तय करनी होती है। इस दौरान नगर पालिका के बाद नगर पंचायत कोपागंज, घोसी, अमिला और फिर दोहरीघाट का क्षेत्र पड़ता है। इसी तरह से वाराणसी जाने के दौरान जिले की सीमा में 12 किमी की दूरी तय करनी होती है। इसमें अंतिम छोर नगर पालिका का ही पड़ता है। इसी तरह से लखनऊ जाने के दौरान 20 किमी की दूरी जिले की सीमा में मुहम्मदाबाद गोहना तक चलना होता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें