मऊ। ऋण मोचन योजना के तहत साढ़े बारह हजार पात्र किसानों को इमानदारी से कर्ज भुगतान करने की सजा मिल गई। इन्हें फूटी कौड़ी भी नहीं मिली। इनका दोष बस इतना है कि ये लिए गए कर्ज की वापसी समय पर करते रहे। इसलिए इन्हें कर्ज माफी का लाभ नहीं मिला। प्रथम चरण में योजना का लाभ पाने वाले 79 ऐसे भी किसान है जिन्हें एक रुपये से लेकर पांच सौ रुपये तक का लाभ मिला है। यदि माफ किए गए कुल 25.60 करोड़ रुपयों का लाभार्थी 4901 किसानों का सामान्य औसत देखा जाए तो यह राशि एक किसान पर महज 52 हजार 234.23 रुपये के करीब होगी। अगले चरणों में यह रकम और भी कम हो सकती है।
ऋण माफी योजना के लिए जिले के 40 हजार 394 पात्र किसानों का चयन किया गया था। जांच के दौरान इस संख्या में से साढ़े बाहर हजार किसानों को छांट दिया गया। क्योंकि लिए गए कर्जे को इन किसानों ने समय से भर दिया था। ऐसे में पात्र होते हुए इन किसानों को इस ऋण मोचन योजना का लाभ नहीं मिल पाया। जो किसान कर्ज लेकर उसकी वापसी करना भूल गए थे , उन्हीं किसानों को योजना का लाभ मिल सका। प्रथम चरण में चयनित 4901 किसानों में से केवल 855 ही ऐसे किसान रहे जिन्हें सरकार की अधिकतम सीमा राशि एक लाख रुपये तक की कर्ज माफी का लाभ मिल सका। इनके अलावा 4046 किसान ऐसे रहे जिन्हें सरकार की इस योजना का आंशिक लाभ ही मिल सका। यह संख्या प्रथम चरण के कुल 4901 की महज 17.45 प्रतिशत है। बाकी 82.54 फीसदी किसान इस अधिकतम तय सीमा के लाभ सं वंचित रहे।
पहले चरण में चारों तहसीलों के 4901 किसानों को कुल 25.60 करोड़ रुपये के कर्ज माफ किए गए हैं। सदर तहसील के सर्वाधिक 1620 किसानों को कुल 7.90 करोड़ रुपयों के कर्ज माफ किए गए। मुहम्मदाबाद गोहना तहसील के 1407 किसानों के 7.78 करोड़ रुपयों के ऋण माफ किए गए। जबकि घोसी तहसील के 1061 किसानों के 5.40 करोड़ रुपयों के कर्ज माफ किए गए। मधुबन तहसील के सबसे कम 813 किसानों के 4.53 करोड़ रुपये के ऋण माफ किए गए।
प्रथम चरण में योजना के लाभान्वित होने वाले 79 किसान ऐसे हैं जिन्हें एक रुपये से लेकर पांच सौ रुपयों तक का लाभ मिला। इनमें एक रुपये से लेकर पांच रुपये और दस रुपये का लाभ पाने वाले 56 किसान हैं। अगले चरणों में ऐसे किसानों की संख्या और भी बढ़ेगी। जानकार बताते हैं कि योजना में ऐसी शर्तें लगा दी गईं जिससे लाभान्वित होने वाले किसानों की संख्या तो अधिक हो लेकिन रकम नाम मात्र की हो। योजना के तहत जिले में केवल पहले चरण की कर्जमाफी में कुल लाभार्थी किसानों की संख्या के आधे से अधिक ऐसे किसान हैं जिन्हें अधिकतम 50 हजार रुपयों का लाभ भी नहीं मिल सका। ऐसे किसानों की संख्या 2580 है।62 किसान ऐसे हैं जिन्हें 49 हजार रुपये कर्जमाफी का लाभ मिला। एक लाख रुपयों से कम और 50 हजार रुपयों से अधिक के बीच का लाभ पाने वाले किसानों की संख्या केवल 2300 रही।