सरसेना। रतनपुरा ब्लाक क्षेत्र के सिरसा गांव के किसानों ने सोमवार को चकबंदी कार्यालय का घेराव कर जमकर नारेबाजी की। ग्राम प्रधान प्रतिनिधि ओमकार सिंह और चकबंदी समिति के अध्यक्ष पारसनाथ शुक्ला के नेतृत्व में सिरसा गांव किसानों ने चकबंदी कार्यालय पर प्रदर्शन किया। उसके बाद साथ ही बंदोबस्त अधिकारी आलोक कुमार श्रीवास्तव को संबोधित ज्ञापन एसीओ जावेद अहमद को सौंप लौट गए।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि सन 1916 में चकों का मूल्यांकन गलत तरीके से किया गया है। जिसके निस्तारण के लिए हम लोगों द्वारा बंदोबस्त अधिकारी के कार्यालय में काशी बनाम सरकार, बालकरन बनाम सरकार, नन्ह्कू बनाम सरकार, लवटू बनाम सरकार आदि के नाम मुकदमा विचाराधीन है। जब तक उस मुकदमे का निस्तारण नहीं हो जाता है तब तक हम लोग अपने चक की पैमाइश व खूंटा गाड़ने नहीं देंगे। बिना चकबंदी समिति के अनुमति के कहीं भी कब्जा परिवर्तन करने नही दिया जाएगा। यदि मुकदमे के बिना निस्तारण के कुछ भी किया जाता है तो हम लोग चकबंदी कार्यालय के समक्ष चक्का जाम करेंगे। उन्होंने चेताया कि यदि हमारी मांगे पूरी नहीं हुई तो हम आत्मदाह करने से भी पीछे नहीं हटेंगे।
प्रदर्शन करने वालों में वशिष्ठ मिश्रा, किशोरी राम, रामनाथ राम, रामबक्श राम, रामप्यारे सिंह, कन्हैया प्रसाद, काशीनाथ तिवारी, पारसनाथ शुक्ला, निरमानंद तिवारी, नन्ह्कू मास्टर, नगीना सिंह, कृष्णकांत गौतम, प्रभावती देवी, भागीरथी देवी, फुलवासी देवी, सीमा देवी, उर्मिला देवी, लक्ष्मीना देवी, रामदासी देवी, बसंती, मिथिला देवी, रामौती देवी आदि शामिल रहे।