मऊ। रतनपुरा विकास खंड के दर्जन भर से अधिक गांवों के किसान गाढ़ा ताल में खेती कर सकेंगे। सैकड़ों एकड़ का यह ताल पूरे साल पानी से डूबा रहता है। शासन के निर्देश पर प्रमुख अभियंता सिंचाई व जल संसाधन ने 19 जून तक गाढ़ा ताल में गिरने वाले सभी नालों की सफाई कराने का निर्देश दिया है।
गाढ़ा ताल में खोहिया नाला सहित छोटे- बड़े कई नाले गिरते हैं। बरसात का पानी और नालों का पानी ताल में पूरे साल भरा रहता है। जलनिकासी की समुचित व्यवस्था न होने से क्षेत्र के गाढ़ा, रतनपुरा, मुबारकपुर, दतौड़ा, बीबीपुर, सिधवल, खालिसपुर, मुस्तफाबाद, मड़ैली, सेहबरपुर सहित एक दर्जन से अधिक गांवों की सैकड़ों एकड़ उपजाऊ जमीन में हमेशा ताल का पानी जमा रहता है। जलभराव की वजह से किसानों की सैकड़ों एकड़ उपजाऊ जमीन बेकार पड़ी है। गाढ़ा ताल मामले में अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत के जिला संयोजक राघवेंद्र राय शर्मा ने मुख्यमंत्री कार्यालय को पत्र भेजा था। मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री कार्यालय ने जन सुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज करते हुए प्रमुख अभियंता सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग से रिपोर्ट मांगी। प्रमुख अभियंता के निर्देश पर मुख्य अभियंता सिंचाई व जल संसाधन ने अपने रिपोर्ट में लिखा है कि गाढ़ा ताल इलाके में खेती योग्य उपजाऊ जमीन से जलनिकासी 19 जून तक हर हाल में सुनिश्चित कर ली जाय।
इसके पूर्व भी उपजिलाधिकारी सदर ने गाढ़ा ताल में जल निकासी की व्यवस्था कराने के लिए शासन को रिपोर्ट भेजी थी। इस संबंध में शिकायतकर्ता राघवेंद्र राय शर्मा का कहना है कि गाढ़ा ताल में वर्ष भर जमा रहने वाले पानी की निकासी हो जाने पर एक दर्जन से अधिक गांवों के किसान अपनी उपजाऊ जमीन पर खेती कर सकेंगे।