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Mau News: शहर में बिना कलर कोड के चल रहे 800 ई-रिक्शा, रूट का नहीं हो रहा पालन

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मऊ। मऊ शहर में अब भी बिना कलर कोड के 800 ई-रिक्शा चल रहे हैं, इन चालकों द्वारा रूट चार्ट का पालन नहीं करने से जाम लग रहा है। दो साल पहले 2000 ई-रिक्शा का रूट निर्धारित करके यातायात पुलिस ने नंबर लिखा था, जो समय के साथ मिट गए हैं।
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एआरटीओ कार्यालय में 6650 ई-रिक्शा पंजीकृत हैं। करीब 2800 मऊ शहर में चलते हैं। यातायात पुलिस ने ई-रिक्शा संचालकों के लिए छह रूट नंबर अलॉट किया है, लेकिन इसका पालन नहीं हो रहा है। पहला रूट बलिया मोड़ से भीटी, गाजीपुर तिराहा कचहरी मोड़। दूसरा बलिया मोड़ से भीटी, अंधा मोड़, बालनिकेतन, रोडवेज, रेलवे स्टेशन।
तीसरा रूट भीटी, मुसरदह, सरवा, रणवीरपुण। चौथा रूट बढुआगोदाम से गाजीपुर तिराहा, आजमगढ़ मोड़, रोडवेज, रेलवे स्टेशन। पांचवां रूट रेलवे स्टेशन से रोडवेज, बालनिकेतन, रौजा, सदर चौक, मिर्जाहादीपुरा, मतलुपूर है।
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छठवां रूट आजमगढ़ मोड़ से मुंशीपुरा ओवरब्रिज, सलाहाबाद मोेड़, मिर्जाहादीपुरा, मतलुपूर तय है। भले ही रूट तय हो लेकिन यातायात पुलिस शहर को जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए खुद के बनाए रूट प्लान का पालन नहीं करा पा रही है। ई-रिक्शा के मनमाने संचालन से शहर की यातायात व्यवस्था लड़खड़ा गई है, जिससे जाम लगता है।
इन रूट पर होती है अधिक परेशानी
जाम से सबसे अधिक असुविधा नगर के गाजीपुर तिराहा, भीटी चौराहा, आजमगढ़ मोड़, सदर चौक, फातिमा तिराहे पर देखने को मिल रहा है। गाजीपुर तिराहा से कचहरी गेट की दूरी 400 मीटर है। लेकिन सुबह 10 बजे से शाम के पांच बजे तक जाम लगाने से 400 मीटर की दूरी करने में 15 मिनट का समय लगता है।
हर छह माह पर अभियान चलाकर ई-रिक्शा पर कलर कोड लिखा जाता है। जो नए ई-रिक्शा पंजीकृत हैं, उनपर नंबर नहीं लिखा गया होगा, साथ ही कुछ का नंबर मिटने से कोड का पता नहीं चलता है। ई-रिक्शा संचालकों से नंबर मिटने पर रूट कोड लिखने को कहा गया है। - श्याम शंकर पांडेय, यातायात निरीक्षक, मऊ
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